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पानसरे हत्याकांड : बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को लगाई फटकार
Fri, 15 Mar 2019 03:37 AM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Fri, 15 Mar 2019 03:37 AM IST
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govind pansare
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वामपंथी नेता गोविंद पानसरे की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी में हो रही देरी को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक बार फिर राज्य सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि पानसरे की हत्या के चार साल बीत जाने के बाद भी हत्यारे पुलिस की पकड़ से दूर हैं। सरकार इस मामले में खुद अपनी हंसी करा रही है। कोर्ट ने इस मामले में राज्य के गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 28 मार्च को होगी।
बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति एससी धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति बीपी कुलाबावाला की खंडपीठ ने पानसरे हत्याकांड की एसआईटी जांच को लेकर भी सवाल उठाया। कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार इस मामले की जांच को लेकर गंभीर नहीं है। कोर्ट ने पूछा कि आखिरकार, जांच में प्रगति क्यों नहीं हो पा रही है। मालूम हो कि 16 फरवरी 2015 को अज्ञात हमलावरों ने कोल्हापुर में कामरेड गोविंद पानसरे की गोली मार दी थी।
गंभीर रूप से घायल पानसरे को उपचार के लिए मुंबई लाया गया था। चार दिन बाद 20 फरवरी को पानसरे की मौत हो गई थी। हत्या की जांच के लिए सरकार ने एसआईटी का गठन किया है लेकिन, चार साल की जांच में अब तक कोर्ट को यह बताया जा रहा है कि फरार आरोपी की जांच शुरू है।
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बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति एससी धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति बीपी कुलाबावाला की खंडपीठ ने पानसरे हत्याकांड की एसआईटी जांच को लेकर भी सवाल उठाया। कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार इस मामले की जांच को लेकर गंभीर नहीं है। कोर्ट ने पूछा कि आखिरकार, जांच में प्रगति क्यों नहीं हो पा रही है। मालूम हो कि 16 फरवरी 2015 को अज्ञात हमलावरों ने कोल्हापुर में कामरेड गोविंद पानसरे की गोली मार दी थी।
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गंभीर रूप से घायल पानसरे को उपचार के लिए मुंबई लाया गया था। चार दिन बाद 20 फरवरी को पानसरे की मौत हो गई थी। हत्या की जांच के लिए सरकार ने एसआईटी का गठन किया है लेकिन, चार साल की जांच में अब तक कोर्ट को यह बताया जा रहा है कि फरार आरोपी की जांच शुरू है।
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