LS Polls: लोकसभा चुनावों के बीच धीरेंद्र शास्त्री की कथा, कन्हैया-मनोज तिवारी में किसे मिलेगा जीत का आशीर्वाद?
पिछले साल हुए विधानसभा चुनावों के दौरान बाबा बागेश्वर की जबरदस्त मांग रही थी। उनकी कथाओं के लिए लंबी लाइन लगी हुई थी। उनके दरबार में पहुंचने वाले भक्तों की भारी संख्या विरोधियों को परेशान करती है।
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बाबा बागेश्वर की लोकसभा चुनावों में धमाकेदार एंट्री होने जा रही है। 14 मई को वे उत्तर पूर्वी दिल्ली की लोकसभा सीट के नंद नगरी में विशेष कथा का प्रवचन करेंगे। कथा में करीब दो लाख लोगों के एकत्र होने की उम्मीद है। इस लोकसभा सीट पर भाजपा ने प्रसिद्ध भोजपुरी गायक मनोज तिवारी को मैदान में उतारा है। वे लगातार तीसरी बार जीत हासिल करने के लिए इस लोकसभा क्षेत्र से दावेदारी कर रहे हैं। मनोज तिवारी बाबा बागेश्वर के पुराने भक्तों में शामिल रहे हैं, लिहाजा माना जा रहा है कि वे बाबा बागेश्वर के दरबार में आशीर्वाद लेने पहुंच सकते हैं। बता दें, यहां 25 मई को मतदान होंगे।
मनोज तिवारी के सामने कांग्रेस ने इसे उतारा
जेएनयू में कथित तौर पर कश्मीर पर विवादित बयान देकर सुर्खियों में आए कन्हैया कुमार को कांग्रेस ने मनोज तिवारी के सामने चुनाव मैदान में उतारा है। एक वर्ग विशेष के मतदाताओं के बीच उनकी अपनी लोकप्रियता है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि बाबा बागेश्वर का जीत का आशीर्वाद किसे मिलता है और वह कितना कारगर रहेगा।
भक्तों की भारी संख्या विरोधियों को परेशान करने वाली
पिछले साल हुए विधानसभा चुनावों के दौरान बाबा बागेश्वर की जबरदस्त मांग रही थी। उनकी कथाओं के लिए लंबी लाइन लगी हुई थी। उनके दरबार में पहुंचने वाले भक्तों की भारी संख्या विरोधियों को परेशान करती है। चूंकि, बाबा बागेश्वर अपनी सभाओं में ऐसे बयान देते रहे हैं, जो भाजपा की लाइन से मिलते-जुलते माने जाते हैं, लोगों का मानना रहा है कि इन कथाओं के आयोजन के पीछे भाजपा नेता शामिल रहे हैं। मनोज तिवारी भी अपने लोकसभा क्षेत्र में पूर्व में बाबा बागेश्वर की कथा करवा चुके हैं।
बाबा बागेश्वर खुद को हनुमान कथा वाचक कहते हैं और स्वयं को पूरी तरह अराजनीतिक व्यक्ति करार देते हैं, लेकिन अपनी सभाओं में वे हिंदू राष्ट्र बनाने, जाति पांति का बंधन छोड़कर हिंदू के रूप में वोट करने और एक मजबूत राष्ट्र के लिए वोट करने की बात कहते रहे हैं। उनकी इन बातों को भाजपा-आरएसएस की विचारधारा से जोड़कर देखा जाता रहा है। यह बात अलग है कि कांग्रेस नेता कमलनाथ भी बाबा बागेश्वर की हनुमान कथा का आयोजन कर उनसे जीत का आशीर्वाद लेते रहे हैं।