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Odisha: पांडियन का अगला कदम क्या होगा? किसी को खबर नहीं; बीजद नेताओं का दावा- गंजाम में कहीं से भी जीत जाएंगे

Wed, 25 Oct 2023 11:04 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Wed, 25 Oct 2023 11:04 PM IST
सार

ओडिशा के सामान्य प्रशासन और लोक शिकायत विभाग द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है कि आईएएस अधिकारी वीके पांडियन को राज्य सरकार की 5टी (परिवर्तन पहल) और नवीन ओडिशा योजना का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनको कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है। पांडियन सीधे मुख्यमंत्री के अधीन काम करेंगे।

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Pandian silent over next course of action, BJD's Ganjam unit claims ex-IAS officer will win any assembly seat
सीएम के करीबी वीके पांडियन और मुख्यमंत्री नवीन पटनायक - फोटो : ANI

विस्तार

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के पूर्व निजी सचिव वीके पांडियन को भले ही पटनायक  कैबिनेट में जगह मिल गई हो, लेकिन उन्होंने खुद अभी तक अपने अगले कदम के बारे में कोई बयान नहीं दिया है। वहीं, बीजद की गंजाम इकाई के कई नेताओं ने दावा किया है कि पूर्व आईएएस अधिकारी पांडियन को जिले की किसी भी सीट से चुनाव लड़ा दिया जाए वे जीत दर्ज कर लेंगे। 

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बीजद के गंजाम जिला
सत्तारूढ़ बीजद के गंजाम जिला अध्यक्ष और पूर्व विधायक रमेश चंद्र च्याउ पटनायक ने कहा कि अगर पांडियन राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव लड़ते हैं तो जिले के 13 विधानसभा क्षेत्रों में से कही से जीत हासिल करने में समर्थ हैं। आगे उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि सीएम नवीन पटनायक ही यह तय करेंगे कि टिकट किसे मिलेगा। इस दौरान जब यह सवाल किया गया कि पांडियन अभी तक बीजद में शामिल नहीं हुए हैं इस पर च्याउ पटनायक ने कहा कि मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष नवीन पटनायक यह तय करेंगे कि पूर्व आईएएस अधिकारी पार्टी में शामिल होंगे या नहीं।
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पांडियन गंजम के जिला कलेक्टर के रूप में कार्य करते हुए सुर्खियों में आए, जहां से उन्हें मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने चुना और 2011 में उन्हें अपना निजी सचिव नियुक्त किया। इस बीच, बीजद के तीन राज्यसभा सांसद मानस मंगराज, सुजीत कुमार और अमर पटनायक खुलकर पांडियन के समर्थन में सामने आए हैं। इन तीनों सांसदों ने ओडिशा के लोगों के प्रति उनके समर्पण की तारीफ की है।
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बता दें कि आईएएस पांडियन को ओडिशा कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिल गया है। वह 5टी (परिवर्तनकारी पहल) के अध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। बता दें, वीके पांडियन ने एक दिन पहले मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के निजी सचिव के रूप में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी। 

ओडिशा के सामान्य प्रशासन और लोक शिकायत विभाग द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है कि आईएएस अधिकारी वीके पांडियन को राज्य सरकार की 5टी (परिवर्तन पहल) और नवीन ओडिशा योजना का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनको कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है। पांडियन सीधे मुख्यमंत्री के अधीन काम करेंगे।

ऐसा है उनका करियर
2000 बैच के पांडियन ने अपने करियर की शुरुआत 2002 में कालाहांडी जिले के धर्मगढ़ के उप-कलेक्टर के रूप में की थी। 2005 में उन्हें मयूरभंज जिले का कलेक्टर नियुक्त किया गया। 2007 में उन्हें गंजम का कलेक्टर बनाया गया। गंजम में नियुक्ति के दौरान ही वे मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के करीबी बन गए। बता दें, पटनायक मूल रूप से गंजम जिले के रहने वाले हैं। साल 2011 में पांडियन मुख्यमंत्री में शामिल हुए और तब से वह पटनायक के निजी सचिव हैं।

भाजपा-कांग्रेस ने किया था विरोध
2019 में पांडियन को सरकारी विभागों में नए पहल लागू करने के लिए 5T सचिव की जिम्मेदारी दी गई थी। भाजपा और कांग्रेस ने इस कारण विरोध किया था और कहा था कि वह पद से इस्तीफा दे दें और आधिकारिक रूप से बीजद में शामिल हो जाएं। इस दौरान पांडियन राज्य भर में ढेरों दौरे किए और जनता की शिकायत सुनने के लिए ताबड़तोड़ 190 बैठकें की थीं। 

केंद्र सरकार से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति को मंजूरी
बता दें कि पांडियन मुख्यमंत्री के करीबी सहयोगी के रूप में प्रमुखता से मीडिया की सुर्खियों आए। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि पांडियन राजनीतिक लाभ के लिए अपने पद का दुरुपयोग कर रहे थे। अक्सर विवादों में घिरे पांडियन ने ओडिशा सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग को लिखे पत्र में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी। वहीं, केंद्रीय कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने बताया था कि पांडियन की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति को राज्य सरकार की अनुशंसित नोटिस अवधि की छूट के साथ स्वीकार कर लिया गया है। 


ओडिशा में चुनाव की तैयारियां, पांडियन की भूमिका क्या?
ओडिशा में विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में कराए जा सकते हैं। ओडिशा के विधानसभा चुनाव आम तौर पर लोकसभा चुनाव के साथ ही आयोजित होते हैं। ऐसे में अनुमान है कि अप्रैल-मई में आम चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव भी कराए जा सकते हैं। रिटायरमेंट के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि चुनाव में पांडियन बड़ी भूमिका में दिखेंगे। गौरतलब है कि पांडियन ओडिशा के अलग-अलग इलाकों में तूफानी दौरों के कारण सुर्खियों में रहे थे। उन्होंने जनता की शिकायतें सुनने के लिए 190 बैठकें की थीं।

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