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Pallonji Mistry: नहीं रहे पलोनजी मिस्त्री, 50 देशों में कारोबार चलाने वाले अरबपति के बारे में जानें सबकुछ

Tue, 28 Jun 2022 10:47 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Tue, 28 Jun 2022 10:47 PM IST
सार

देश के सबसे प्रतिष्ठित कारोबारी घरानों में शामिल शापूरजी पलोनजी समूह के चेयरमैन पलोनजी मिस्त्री का मंगलवार को 93 साल की उम्र में निधन हो गया। 1929 में जन्मे टाटा समूह के सबसे बड़े व्यक्तिगत शेयरधारक (18.4 फीसदी) पलोनजी मिस्त्री 1.02 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक थे।

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Pallonji Mistry is no more know everything about billionaire who runs business in 50 countries
पलोनजी मिस्त्री - फोटो : social media

विस्तार

देश के सबसे प्रतिष्ठित कारोबारी घरानों में शामिल शापूरजी पलोनजी समूह के चेयरमैन पलोनजी मिस्त्री का मंगलवार को 93 साल की उम्र में निधन हो गया। 1929 में जन्मे टाटा समूह के सबसे बड़े व्यक्तिगत शेयरधारक (18.4 फीसदी) पलोनजी मिस्त्री 1.02 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक थे। कारोबार जगत में योगदान के लिए उन्हें 2016 में देश के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म भूषण से नवाजा गया था। फोर्ब्स की ताजा सूची के मुताबिक, वह दुनिया के अमीरों में 143वें स्थान पर थे। पलोनजी मिस्त्री का अंतिम संस्कार बुधवार को मुंबई में किया जाएगा। 

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अबूधाबी दुबई और कतर में भी किया कारोबार का विस्तार
शापूरजी पलोनजी समूह का कारोबार उनके दादा ने 150 साल पहले 1865 में शुरू किया था। इस घराने ने 1920 में टाटा समूह के साथ मिलकर कारोबार शुरू किया था। पलोनजी मिस्त्री 1947 में महज 18 साल की उम्र में ही पारिवारिक कारोबार से जुड़े और 1970 के दशक में अबूधाबी, दुबई एवं कतर में इसका विस्तार किया। इसी समूह ने ओमान के सुल्तान के लिए नीला और सुनहरा अल आलम महल का निर्माण किया था। 
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आरबीआई बिल्डिंग से लेकर बेब्रोर्न स्टेडियम का निर्माण
दशकों से कई ऐतिहासिक इमारतें आज मुंबई की पहचान हैं, जिन्हें शापूरजी पलोनजी समूह ने बनाया था। पलोनजी मिस्त्री की देखरेख में ही मुंबई में आरबीआई की बिल्डिंग बनी थी। इनकी शुरुआती परियोजनाओं में ओबरॉय होटल, होटल ताज महल, ब्रेबोर्न स्टेडियम, मुंबई सेंट्रल स्टेशन, हांगकांग बैंक, स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक, एचएसबीसी बैंक और मुंबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर का निर्माण भी शामिल हैं। बड़ी-बड़ी बिल्डिंग बनाने वाला यह समूह अब भी मुंबई के कुलाबा में एक छोटी इमारत से कारोबार चलाता है। 
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50 देशों में फैला है कारोबार
शापूरजी पलोनजी समूह का कारोबार भारत के अलावा एशिया के अन्य देशों से लेकर अफ्रीका तक फैला हुआ है। समूह की मौजूदगी इंजीनियरिंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर, पानी, ऊर्जा और फाइनेंशियल सर्विसेज क्षेत्र में है। अगल-अलग कंपनियों में इस समूह के लिए 70,000 कर्मचारी काम करते हैं। 

गुमनाम अरबपति से लेकर फैंटम तक
पलोनजी मिस्त्री को शायद ही कभी किसी सार्वजनिक स्थानों पर देखा जाता था। इसलिए उन्हें दुनिया का सबसे गुमनाम अरबपति कहा जाता था। टाटा समूह के मुंबई स्थित मुख्यालय बॉम्बे हाउस में उनके रुतबे को देखते हुए उन्हें फैंटम के नाम से जाना जाता था। पलोनजी के पिता ने 1960 में मुगल-ए-आजम फिल्म का निर्माण किया था। 

शादी के बाद आयरलैंड की नागरिकता
पलोंजी ने आयरिश महिला से शादी की और 2003 में आयरलैंड की नागरिकता ले ली थी। हालांकि, उनका अधिकतर समय भारत में बीतता था। उनके परिवार में पत्नी और चार बच्चे शापूर मिस्त्री, सायरस मिस्त्री, लैला और अल्लू हैं। साइरस मिस्त्री नवंबर, 2011 से अक्तूबर, 2016 तक टाटा संस के चेयरमैन रहे। वह आयरलैंड के सबसे अमीर कारोबारी हैं। वह उन दानदाताओं में शुमार थे, जो बिना किसी चर्चा के लोगों के लिए काम करते थे। पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण जैसे सामाजिक कामों में वे शामिल थे। उनकी चार संतानें हैं। इसमें से सबसे बड़े साइरस मिस्त्री हैं। साइरस टाटा संस में नवंबर, 2011 से अक्तूबर, 2016 तक चेयरमैन रहे। पलोंजी के पिता ने 1960 में मुगल-ए-आजम का निर्माण किया था। 

पीएम और राष्ट्रपति ने जताया शोक
पलोनजी मिस्त्री के निधन पर पीएम मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शोक जताया है। पीएम मोदी ने कहा 'पलोनजी मिस्त्री ने वाणिज्य एवं उद्योग की दुनिया में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके परिवार, दोस्तों और शुभचिंतकों के प्रति मेरी संवेदना। मिस्त्री जी की आत्मा को शांति मिले।'


राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दुख जताते हुए कहा कि 'मैं यह जानकर दुखी हूं कि पलोनजी मिस्त्री अब नहीं रहे। वे आधारभूत ढांचा एवं उद्योग निर्माण के अगुआ थे। राष्ट्र निर्माण और धन सृजन में योगदान लंबे समय तक याद रखा जाएगा। उनके परिवार एवं मित्रों के प्रति संवेदनाएं।'

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