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एफएटीएफ से बचने के लिए पाक की नई चाल, दाऊद, हाफिज सईद व मसूद अजहर पर लगाए और प्रतिबंध
Sun, 23 Aug 2020 10:11 AM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Sun, 23 Aug 2020 10:11 AM IST
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दाऊद इब्राहिम
- फोटो : social media
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पाकिस्तान ने अपने काउंटर टेरर-फाइनेंसिंग कार्यों के मद्देनजर मोस्टवांटेड आतंकी दाऊद इब्राहिम, लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के मुखिया हाफिज सईद और जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के सरगना मसूद अजहर पर कार्रवाई तेज कर दी है और इन पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को लागू करने के लिए कड़े कदम उठा रहा है।
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इस्लामाबाद हाफिज सईद के अलावा एलईटी के सात अन्य आतंकियों पर भी प्रतिबंध लगाने जा रहा है। यहां गौर करने वाली बात यह है कि अब तक जिस अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के अपने यहां होने से पाकिस्तान इनकार करता आ रहा था, उस पर भी कार्रवाई की जा रही है।
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एफएटीएफ के चंगुल से बचने के लिए पाकिस्तान उठा रहा कड़े कदम
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने चुपचाप सैकड़ों आतंकवादियों के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधों को लागू करने के लिए 18 अगस्त को दो वैधानिक विनियामक आदेश जारी किए। इनमें लश्कर, जेईएम, अल-कायदा, तालिबान, हक्कानी नेटवर्क और इस्लामिक स्टेट और 93 आतंकवादी समूह और इकाइयां शामिल हैं।
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ऐसा प्रतीत होता है कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद वित्त पोषण पर निगरानी रखने वाली संस्था 'वित्तीय कार्रवाई कार्य बल' (एफएटीएफ) की 'ग्रे लिस्ट' से बाहर आने की कोशिशों के तहत की गई है। एफएटीएफ को जून में पाकिस्तान की कार्रवाई की समीक्षा करने के लिए निर्धारित किया गया था, लेकिन पेरिस स्थित इस संस्थान ने कोविड-19 महामारी के कारण अपने दौरे को चार महीने बाद निर्धारित किया।
27 में से केवल 14 बिंदुओं पर किया है काम
पाकिस्तान ने यूएन प्रतिबंधों को एक दशक से अधिक समय तक लागू नहीं किया, यहां तक कि उस पर ऐसा करने के लिए अमेरिका सहित पश्चिमी देशों का दबाव था। इसके अलावा इस्लामाबाद एफएटीएफ की 27 बिंदुओं वाली कार्य योजना को लागू करने में भी लगातार विफल रहा है।
यह भी पढ़ें: 'पलटीमार' पाकिस्तान की मौकापरस्ती, पहले कबूला दाऊद कराची में.. फिर देर रात बोला नहीं है
पाकिस्तान सरकार की तरफ से केवल 14 बिंदुओं का ही पालन किया गया है। एफएटीएफ ने इस्लामाबाद को चेतावनी दी है कि अगर वह सभी बिंदुओं को सही प्रकार से लागू नहीं करता है तो उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इन आतंकियों को आंतकी समूहों पर उठाया जा रहा है कदम
पाकिस्तान सरकार ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) द्वारा जारी नई सूची के अनुपालन में आतंकवादी समूहों के 88 आकाओं और सदस्यों पर प्रतिबंध लगाए हैं। अधिसूचनाओं में घोषित प्रतिबंध जमात-उद-दावा, जैश-ए-मोहम्मद, तालिबान, दाएश, हक्कानी समूह, अलकायदा और अन्य पर लगाए गए हैं। खबर के अनुसार सरकार ने इन संगठनों और आकाओं की सभी चल और अचल संपत्तियों को जब्त करने और उनके बैंक खातों को सील करने के आदेश दिए है।
विदेश मंत्रालय के पहले वैधानिक विनियामक आदेश में आतंकवादी समूहों के 88 आकाओं और सदस्यों पर प्रतिबंध लगाए हैं। इसमें अल रशीद ट्रस्ट जैसे संगठन, जो अल-कायदा से जुड़े हुए हैं और धन वित्तपोषण फर्मों में शामिल हैं।
इसके अलावा इस आदेश में सैकड़ों आतंकवादी भी शामिल हैं। इनमें हाफिज सईद, मसूद अजहर, मुल्ला फजलुल्ला (उर्फ मुल्ला रेडियो), जकीउर रहमान लखवी, मुहम्मद यह्या मुजाहिद, अब्दुल हकीम मुराद, नूर वली महसूद, उजबेकिस्तान लिबरेशन मूवमेंट के फजल रहीम शाह, तालिबान नेताओं जलालुद्दीन हक्कानी, खलील अहमद हक्कानी, यह्या हक्कानी, तथा इब्राहीम और उनके सहयोगी शामिल हैं।
दाऊद के अपने यहां होने के खुलासे के बाद से नहीं खुल रही पाकिस्तान सरकार की वेबसाइट
पाकिस्तान ने 27 साल बाद आखिर मान लिया कि मोस्टवांटेड आतंकी व 1993 में मुंबई धमाकों का गुनहगार दाऊद इब्राहिम कराची में ही है। दूसरी तरफ, जब से पाकिस्तान ने दाऊद के अपने यहां होने का खुलासा किया है, तब से http://mofa.gov.pk/ की वेबसाइट नहीं खुल रही है। गौरतलब है कि दुनियाभर में आतंकी फंडिंग पर नजर रखने वाले वित्तीय कार्रवाई कार्यबल एफएटीएफ की काली सूची से बचने की कोशिश में पाकिस्तान को मजबूरन यह कदम उठाना पड़ा है।