26/11 Attack: आतंकी मीर से पूछताछ की पाक अमेरिका को नहीं दे रहा इजाजत, चीन का संरक्षण
आतंकी साजिद मीर मुंबई हमले के अहम सुराग और आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा तथा पाकिस्तान सरकार की सांठगांठ को लेकर अहम खुलासा कर सकता है। भारत, अमेरिका और फ्रांस मिलकर पाकिस्तान आधारित आतंकी समूहों और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में जुटे हैं।
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पाकिस्तान को आतंकवाद के लिए चीन का खुला मानो समर्थन है। इसी कारण वह मुंबई के 26/11 हमले समेत तमाम आतंकी घटनाओं में लिप्त आतंकियों को यूएन के घोषित आतंकियों की सूची में शामिल करने पर रोड़े डालता है। इधर, पाकिस्तान भी 26/11 हमले के मास्टर माइंड पाक आतंकी साजिद मीर से पूछताछ की अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई FBI को इजाजत नहीं दे रहा है, जबकि उससे इसकी लगातार मांग की जा रही है।
आतंकी साजिद मीर मुंबई हमले के अहम सुराग और आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा तथा पाकिस्तान सरकार की सांठगांठ को लेकर अहम खुलासा कर सकता है। भारत, अमेरिका और फ्रांस मिलकर पाकिस्तान आधारित आतंकी समूहों और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में जुटे हैं। वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 समिति के प्रस्ताव के अनुरूप मीर, लश्कर के अब्दुल रहमान मक्की और जैश के रऊफ अजहर जैसे आतंकवादियों को वैश्विक आतंकी घोषित कराने में जुटे हैं, लेकिन चीन हर बार वैश्विक आतंकी घोषित करने में अड़ंगा डाल देता है।
एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट से बाहर आने के लिए छटपटा रहा पाक
आतंकी समूहों की मदद और टेरर फंडिंग के लिए पाकिस्तान को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने 'ग्रे लिस्ट' में रखा है। वह इससे निकलने की लगातार छटपटाहट कर रहा है, लेकिन कामयाबी नहीं मिल रही है। अमेरिका 26/11 मुंबई हमले के साजिशकर्ता मीर साजिद से पूछताछ करना चाहता है, लेकिन पाकिस्तान एफबीआई को इसकी इजाजत नहीं दे रहा है।
एफबीआई के लिए इसलिए वांछित है मीर
46 साल का आतंकी साजिद मीर 2008 के मुंबई हमलों का हैंडलर पाकिस्तान के मुरीदके स्थित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का शीर्ष आतंकवादी है।वह 2008-2009 के बीच डेनमार्क के अखबार और उसके कर्मचारियों के खिलाफ आतंकी साजिश के लिए भी एफबीआई का वांछित है। अमेरिका की एक अदालत ने 22 अप्रैल, 2011 को उसके खिलाफ वारंट जारी किया था।
मुंबई हमले में मारे गए थे छह अमेरिकी
मीर के मारे जाने के दावे के बीच पाकिस्तान की एक कोर्ट ने उसे 15 साल की जेल की सजा सुनाई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वह लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद है। यह भी कहा जा रहा है कि वह एक गेस्ट हाउस में पाकिस्तान हिरासत में है। मुंबई हमलों में छह अमेरिकी नागरिकों सहित 170 से अधिक निर्दोष मारे गए। मुंबई पर आतंकी हमला तीन दिन तक चला था। इसके लिए कराची से लश्कर और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने पूरी साजिश रची थी। इस हमले से पूरी दुनिया में हड़कंप मचा था।