फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Pakistan Poverty Report major revelation economy sharp increase in poverty and inequality in six years

Pakistan Poverty Report: पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर बड़ा खुलासा, छह साल में गरीबी और असमानता में तेज बढ़ोतरी

Wed, 04 Mar 2026 11:37 PM IST
Himanshu Singh Chandel वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: Himanshu Singh Chandel Updated Wed, 04 Mar 2026 11:37 PM IST
सार

पाकिस्तान योजना आयोग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पिछले छह वर्षों में देश में गरीबी और आय असमानता तेजी से बढ़ी है। राष्ट्रीय गरीबी दर 21.9 प्रतिशत से बढ़कर 28.9 प्रतिशत हो गई है। ग्रामीण इलाकों में गरीबी 36.3 प्रतिशत तक पहुंच गई है।  

विज्ञापन
Pakistan Poverty Report major revelation economy sharp increase in poverty and inequality in six years
पाकिस्तान - फोटो : Adobestock

विस्तार

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को लेकर एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। पाकिस्तान के योजना आयोग की हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले छह वर्षों में देश में गरीबी और आय असमानता दोनों तेजी से बढ़ी हैं। रिपोर्ट के अनुसार आर्थिक संकट, बेरोजगारी और नीतिगत अस्थिरता के कारण आम लोगों का जीवन स्तर लगातार गिरा है। इस रिपोर्ट ने पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति और सामाजिक असमानता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विज्ञापन


पाकिस्तान सांख्यिकी ब्यूरो के हाउसहोल्ड इंटीग्रेटेड इकोनॉमिक सर्वे के आंकड़ों के आधार पर तैयार इस रिपोर्ट में बताया गया है कि 2018-19 में राष्ट्रीय गरीबी दर 21.9 प्रतिशत थी, जो 2024-25 में बढ़कर 28.9 प्रतिशत हो गई। इसका मतलब है कि छह वर्षों में बड़ी संख्या में लोग गरीबी रेखा के नीचे चले गए हैं। रिपोर्ट में घरेलू आय और उसके वितरण का विश्लेषण करते हुए बताया गया कि आय में गिरावट और असमानता बढ़ने से लोगों की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- Balochistan: बलूचिस्तान में 17 साल के किशोर का मिला शव, फिर उठा मानवाधिकार उल्लंघन का मुद्दा
विज्ञापन
विज्ञापन


ग्रामीण और शहरी इलाकों में गरीबी का अंतर
रिपोर्ट के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी की स्थिति और ज्यादा खराब हुई है। ग्रामीण इलाकों में गरीबी दर 28.2 प्रतिशत से बढ़कर 36.3 प्रतिशत तक पहुंच गई है। वहीं शहरी क्षेत्रों में यह 11 प्रतिशत से बढ़कर 17.4 प्रतिशत हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में रोजगार के सीमित अवसर और कृषि क्षेत्र की कमजोर स्थिति इसके प्रमुख कारण हैं।


बेरोजगारी और आय में गिरावट बड़ा कारण
रिपोर्ट में कहा गया है कि बेरोजगारी दर में भी लगातार वृद्धि हुई है। 2020-21 में बेरोजगारी दर 5.7 प्रतिशत थी, जो 2024-25 में बढ़कर 7.1 प्रतिशत हो गई। इसी दौरान परिवारों की औसत वास्तविक आय में करीब 27.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। आय में कमी और महंगाई के कारण लोगों की क्रय शक्ति कम हो गई है, जिससे उनके जीवन स्तर पर नकारात्मक असर पड़ा है।

ये भी पढ़ें- West Asia: 90 घंटे से बमबारी जारी, अबतक 1000+ मौतें, क्या शांति के लिए US पहुंचा ईरान? CIA से संपर्क की अटकलें

महामारी, बाढ़ और आर्थिक नीतियों का असर
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2019-20 की कोविड महामारी और 2022-23 की विनाशकारी बाढ़ ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के कार्यक्रमों के तहत सब्सिडी में कटौती, अप्रत्यक्ष करों में बढ़ोतरी और विकास खर्च में कमी से आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि गरीबी और असमानता को कम करने के लिए सरकार को निर्यात आधारित विकास, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने जैसे कदम उठाने होंगे।

अन्य वीडियो-

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article