फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Balochistan Body of 17-year-old teenager found in Balochistan, issue of human rights violation raised again

Balochistan: बलूचिस्तान में 17 साल के किशोर का मिला शव, फिर उठा मानवाधिकार उल्लंघन का मुद्दा

Wed, 04 Mar 2026 09:10 PM IST
Himanshu Singh Chandel वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, क्वेटा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, क्वेटा Published by: Himanshu Singh Chandel Updated Wed, 04 Mar 2026 09:10 PM IST
सार

बलूचिस्तान में 17 वर्षीय यहया बलोच का शव मिलने से एक बार फिर गैर-न्यायिक हत्याओं और जबरन गुमशुदगी का मुद्दा सामने आया है। मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि किशोर को पांच महीने पहले उठाया गया था। इसके साथ ही कई अन्य लोगों को भी गायब किए जाने की बात सामने आई है।

विज्ञापन
Balochistan Body of 17-year-old teenager found in Balochistan, issue of human rights violation raised again
बलूचिस्तान (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

बलूचिस्तान प्रांत में गैर-न्यायिक हत्याओं और जबरन गुमशुदगी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामला पंजगुर जिले से सामने आया है, जहां 17 वर्षीय किशोर का शव बरामद हुआ है। मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि किशोर को पहले जबरन गायब किया गया था और बाद में उसकी हत्या कर दी गई। इस घटना ने एक बार फिर बलूचिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विज्ञापन


मानवाधिकार संगठन बलोच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) के अनुसार मृतक किशोर की पहचान 17 वर्षीय यहया बलोच के रूप में हुई है। उसका शव मंगलवार को पंजगुर जिले के वाशबूद इलाके में मिला। संगठन का कहना है कि यहया पिछले करीब पांच महीनों से लापता था और परिवार ने आरोप लगाया था कि उसे जबरन उठा लिया गया था। अब उसका शव मिलने के बाद इलाके में डर और आक्रोश दोनों बढ़ गए हैं।
विज्ञापन


मानवाधिकार संगठनों ने जताई चिंता
बीवाईसी ने कहा कि यह कोई एक अकेली घटना नहीं है। संगठन के अनुसार बलूचिस्तान में लंबे समय से लोगों को जबरन गायब करने और बिना अदालत की प्रक्रिया के हत्या करने की घटनाएं सामने आती रही हैं। संगठन का कहना है कि रमजान जैसे धार्मिक समय में भी ऐसी घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इसे गंभीर मानवाधिकार संकट बताया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कई लोगों के गायब होने के आरोप
बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग ‘पांक’ ने भी दावा किया है कि हाल के दिनों में कई आम नागरिकों को जबरन गायब किया गया है। संगठन के अनुसार क्वेटा के किल्ली कंब्रानी इलाके से 17 वर्षीय छात्र शोएब अहमद कंब्रानी को पाकिस्तान के काउंटर टेररिज्म विभाग ने उसके घर से उठा लिया। इसी दिन केच जिले के मिनाज इलाके से 45 वर्षीय व्यवसायी रहीम बख्श को भी कथित तौर पर सुरक्षा बल अपने साथ ले गए।

युवाओं को भी बनाया जा रहा निशाना
मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि कई युवाओं को भी उनके घरों से उठा लिया गया। इनमें 17 वर्षीय अली अहमद, 19 वर्षीय यासिर, 17 वर्षीय आसिफ और 18 वर्षीय अब्दुल रहमान शामिल हैं। इसके अलावा केच जिले के तुर्बत शहर से जकरिया और रेहान नाम के दो भाइयों को भी सुरक्षा बलों द्वारा कथित तौर पर उठाए जाने की बात सामने आई है। एक अन्य छात्र सद्दाम को भी फरवरी में क्वेटा से उठाए जाने का आरोप लगाया गया है।


अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग
मानवाधिकार संगठनों ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं से बलूचिस्तान की स्थिति का संज्ञान लेने की मांग की है। संगठनों का कहना है कि जबरन गुमशुदगी और गैर-न्यायिक हत्याओं की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो बलूचिस्तान में मानवाधिकार संकट और गहरा सकता है।
 
अन्य वीडियो-

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article