पाकिस्तान: पंजाब प्रांत में एमपॉक्स का पहला मामला दर्ज; CJP ने SC बिल पर संसदीय कार्यवाही का रिकॉर्ड मांगा
पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश ने राजनीतिक दलों की आलोचना करते हुए कहा कि वे अपने अनुकूल फैसले चाहते हैं। उन्होंने कहा, स्वतंत्र न्यायपालिका और केंद्र भी संविधान महत्वपूर्ण तत्व हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला न्यायपालिका की स्वतंत्रता से जुड़ा है।
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पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार सरकार को निर्देश दिया कि वह उस विधेयक के संबंध में संसदीय कार्यवाही की रिपोर्ट पेश करे, जिसमें मुख्य न्यायाधीश (सीजेपी) के कार्यालय को स्वत: कार्रवाई करने और मामलों की सुनवाई के लिए न्यायाधीशों का एक पैनल बनाने के अधिकारों को कम करने की बात कही गई है। वहीं, दूसरी ओर पंजाब प्रांत में एमपॉक्स का पहला मामला दर्ज किया गया है।
सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) गठबंधन के नेतृत्व वाली सरकार 'सर्वोच्च न्यायालय (अभ्यास और प्रक्रिया) विधेयक, 2023' पर जोर दे रही है। इससे न्यायपालिका और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच संबंधों में दरार आ गई है।
विधेयक को शुरू में संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित किया गया था और राष्ट्रपति को उनकी सहमति के लिए भेजा गया था। हालांकि, राष्ट्रपति ने यह कहते हुए कि इसे वापस भेज दिया कि प्रस्तावित कानून संसद की क्षमता से परे है। हालांकि, विधेयक को 10 अप्रैल को कुछ संशोधनों के साथ संसद की संयुक्त बैठक द्वारा फिर से पारित किया गया और राष्ट्रपति के पास भेजा गया।
लेकिन संयुक्त संसद सत्र द्वारा विधेयक पारित होने के तीन दिन बाद सीजेपी उमर अता बंदियाल सहित सुप्रीम कोर्ट (एससी) की आठ सदस्यीय पीठ ने एक आदेश जारी किया जो सरकार को कानून बनने के बाद विधेयक को लागू करने से रोकता है। सीजेपी बंदियाल की अगुवाई वाली आठ सदस्यीय पीठ ने मंगलवार को मामले की सुनवाई की और अटॉर्नी जनरल को विधेयक के संबंध में संसद की कार्यवाही की प्रतियां उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
सुनवाई के दौरान बंदियाल ने कहा कि यह कानून पाकिस्तान में अपनी तरह का पहला कानून है जिसने राज्य के तीसरे स्तंभ न्यायपालिका को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा, यह पहली बार है जब कानून के जरिए संविधान के एक आवश्यक तत्व का उल्लंघन किया गया है।
उन्होंने पीठ से एक न्यायाधीश को हटाने की याचिका खारिज कर दी क्योंकि उनके खिलाफ एक शिकायत लंबित थी। न्यायमूर्ति बंदियाल ने मामले की सुनवाई के लिए पूर्ण अदालत बनाने की एक अन्य याचिका भी खारिज कर दी।
बंदियाल ने राजनीतिक दलों की आलोचना करते हुए कहा कि वे अनुकूल फैसले चाहते हैं। उन्होंने कहा, स्वतंत्र न्यायपालिका और केंद्र भी संविधान महत्वपूर्ण तत्व हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला न्यायपालिका की स्वतंत्रता से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि इस तथ्य में कोई बदलाव नहीं आया है कि एक स्वतंत्र न्यायपालिका संविधान की एक मुख्य विशेषता है।
पंजाब प्रांत में रिपोर्ट किया गया एमपॉक्स का पहला मामला
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मंगलवार को एमपॉक्स का पहला मामला रिपोर्ट किया गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने प्रांत के सरकारी और निजी क्षेत्र के अस्पतालों को आपात कदम उठाने के लिए अलर्ट जारी किया है। देश ने हाल ही में खुद को एमपॉक्स से मुक्त घोषित किया था।
पंजाब के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, प्रांत में पहला एमपॉक्स का मामला पिछले महीने सऊदी अरब से आए एक व्यक्ति में पाया गया था। पंजाब के कार्यवाहक स्वास्थ्य मंत्री डॉ. जावेद अकरम ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, पंजाब के मंडी बहाउद्दीन जिले के रहने वाले 40 वर्षीय व्यक्ति को पिछले महीने सऊदी अरब से लौटने पर एमपॉक्स होने का पता चला था।
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