फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Pahalgam Terror Attack Isolated Pakistan Faces Diplomatic Setback as Key Islamic Nations Back India

Pahalgam Attack: अलग-थलग पड़ा पाकिस्तान; सधी कूटनीतिक चाल से पड़ोसी पस्त; मजबूत इस्लामी देश भी भारत के साथ

Sat, 26 Apr 2025 09:13 AM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Sat, 26 Apr 2025 09:13 AM IST
सार

पहलगाम मामले में भारत सधी कूटनीतिक चाल चल रहा है। आतंकवाद पर अब भेदभाव वाले दृष्टिकोण का दौर खत्म हो चुका है। दुनिया का कोई भी देश आतंकी हमलों पर पहले की तरह चयनित दृष्टिकोण नहीं अपना सकता। ऐसे में पाकिस्तान को इस बार कड़ा संदेश देने के लिए भारत ने पूरी तैयारी कर ली है।

विज्ञापन
Pahalgam Terror Attack Isolated Pakistan Faces Diplomatic Setback as Key Islamic Nations Back India
भारत-पाकिस्तान में तनाव चरम पर - फोटो : Amar Ujala
loader

विस्तार

आर्थिक मोर्चे पर पहले ही बुरी तरह से घिरा पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई के चलते अलग-थलग पड़ सकता है। पहलगाम में बर्बर आतंकी हमला मामले में अमेरिका, रूस, इस्राइल, ब्रिटेन, फ्रांस, जापान जैसे देश पहले ही भारत के रुख का समर्थन कर चुके हैं। वहीं मुस्लिम देशों में धमक रखने वाले सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश आर्थिक और कूटनीतिक कारणों से विश्व व्यवस्था (ग्लोबल ऑर्डर) में तेजी से हो रहे बदलाव के कारण भारत के ज्यादा करीब आए हैं।

विज्ञापन


पहलगाम मामले में भारत सधी कूटनीतिक चाल चल रहा है। एक सरकारी सूत्र ने कहा कि आतंकवाद पर अब भेदभाव वाले दृष्टिकोण का दौर खत्म हो चुका है। अब दुनिया का कोई भी देश आतंकी हमलों पर पहले की तरह चयनित दृष्टिकोण नहीं अपना सकता। फिर पहलगाम में आतंकियों ने सुरक्षाबलों की नहीं निर्दोष लोगों की बर्बर हत्या की है। ऐसे में भारत के पास जवाबी कार्रवाई का हक है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि भारत का रुख आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने का है, न कि किसी देश विशेष पर हमला करने का। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने गुरुवार को जी-20 देशों के राजनयिकों को अपने इसी रुख से परिचित कराया, जिसे व्यापक समर्थन मिला है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- Indus Water Row: 'एक बूंद भी नहीं..', कैसे सिंधु नदी के पानी को पाकिस्तान जाने से रोकने की योजना बना रहा भारत?
विज्ञापन
विज्ञापन


मुस्लिम देशों का नजरिया
सूत्र का कहना है कि इसकी बानगी 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद दिख गई थी। तब पाकिस्तान की तमाम कोशिशों के बावजूद सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने उसका साथ नहीं दिया था। भारत की इंडोनेशिया, तुर्की, कतर से भी नजदीकी बढ़ी। ऐसे में इन देशों का पाकिस्तान को समर्थन मिलना संभव नहीं है।


नई सदी में मजबूत हुई है भारत की स्थिति
बीते डेढ़ दशकों में भारत की वैश्विक छवि मजबूत हुई है, उसी तेजी से पाकिस्तान की छवि कमजोर हुई है। यूक्रेन से युद्ध लड़ रहे रूस को भी भारत की जरूरत है तो टैरिफ वॉर में उलझे अमेरिका को भी। इसके अलावा खाड़ी देश भी भारत का साथ छोड़ने की स्थिति में नहीं हैं।

यह भी पढ़ें- India vs Pakistan: तिलमिलाए पाकिस्तान ने बीती रात LoC पर फिर की फायरिंग; भारतीय सेना ने दिया मुंहतोड़ जवाब

अमेरिका, इस्राइल, स्पेन को पहलगाम हमले से जुड़े तथ्य साझा किए
भारत ने अमेरिका, इस्राइल और स्पेन के राजनयिकों को शुक्रवार को आतंकवाद के खिलाफ जंग की जानकारी दी। इस्राइली राजदूत रियुवेन अजार ने कहा कि हमने भीषण आतंकी हमले के लिए संवेदनाएं प्रकट कीं। यह महत्वपूर्ण क्षण है। हम भारत के साथ खड़े हैं। हमने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और सहयोग बढ़ाने के तरीकों से जुड़ी चिंता पर चर्चा की। अमेरिकी प्रभारी डी’अफेयर्स (सीडीए) जोर्गन के. एंड्रयूज, स्पेन के राजदूत भी विदेश मंत्रालय के साउथ कार्यालय में देखा गया। गुरुवार को विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने जर्मनी, जापान, पोलैंड, ब्रिटेन, रूस समेत कई देशों के राजनयिकों को पहलगाम हमले से जुड़े तथ्य साझा किए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed