{"_id":"60fd4da6f1df240066794be2","slug":"p-chidambaram-on-pegasus-spyware-row-pm-narendra-modi-must-clarify-whether-snooping-was-done-or-not-on-pegasus-row","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेगासस मामला: पी चिदंबरम बोले- प्रधानमंत्री साफ-साफ बताएं, जासूसी हुई या नहीं","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
पेगासस मामला: पी चिदंबरम बोले- प्रधानमंत्री साफ-साफ बताएं, जासूसी हुई या नहीं
Sun, 25 Jul 2021 05:10 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sun, 25 Jul 2021 05:10 PM IST
सार
पी चिदंबरम ने कहा कि यह मामला गंभीर है और सरकार को या तो इन सभी आरोपों की जांच संयुक्त संसदीय समिति द्वारा करवानी चाहिए या फिर इसकी जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश की नियुक्ति करने का अनुरोध करना चाहिए।
विज्ञापन
पी चिदंबरम
- फोटो : Facebook
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पेगासस जासूसी मामले पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने रविवार को केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह मामला गंभीर है और सरकार को या तो इन सभी आरोपों की जांच संयुक्त संसदीय समिति द्वारा करवानी चाहिए या फिर इसकी जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश की नियुक्ति करने का अनुरोध करना चाहिए। चिदंबरम ने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संसद में बयान देना चाहिए और स्पष्ट करना चाहिए कि क्या जासूसी की गई थी या नहीं।
विज्ञापन
समाचार एजेंसी पीटीआई के साथ साक्षात्कार में, चिदंबरम ने यह भी कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) द्वारा जांच संसदीय स्थायी समिति की जांच से अधिक प्रभावी हो सकती है। वहीं जब उनसे पूछा गया कि संसदीय आईटी पैनल के प्रमुख शशि थरूर ने कहा है कि इस मामले की जांच उनकी समिति ही करेगी और इसके लिए जेपीसी की आवश्यकता नहीं है। चिदंबरम ने जवाब देते हुए कहा कि उन्हें संदेह है कि क्या भाजपा के अधिकांश सदस्यों वाला आईटी पैनल मामले की पूरी जांच निष्पक्षता से कर पाएगा।
विज्ञापन
एक और सवाल जब उनसे पूछा गया कि उन्हें जेपीसी में इतना अधिक भरोसा क्यों है? तो उन्होंने कहा कि संसदीय समिति की अपनी सीमा है। उदाहरण के लिए वे खुले तौर पर सबूत नहीं ले सकते हैं, लेकिन एक जेपीसी को संसद द्वारा सार्वजनिक रूप से साक्ष्य लेने, गवाहों से जिरह करने और दस्तावेजों को बुलाने का अधिकार दिया जा सकता है। इसलिए मुझे लगता है कि जांच के लिए जेपीसी के पास कहीं अधिक अधिकार होंगे।
विज्ञापन
जासूसी आरोपों को लेकर सरकार की प्रतिक्रिया पर चिदंबरम ने संसद में आईटी और संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव के बयान का हवाला देते हुए कहा कि वह स्पष्ट रूप से बहुत "चतुर मंत्री" हैं और इसलिए बयान को बहुत चतुराई से कहकर निकल गए।
पी चिदंबरम ने सरकार से पेगासस स्पाइवेयर हासिल करने के लिए भुगतान की गई राशि पर सफाई देने को भी कहा। उन्होंने कहा कि ये सरल, सीधे सवाल हैं जो औसत नागरिक पूछ रहा है और मंत्री को सीधे इसका जवाब देना चाहिए। आखिरकार, फ्रांस ने जांच का आदेश दिया है जब यह पता चला कि राष्ट्रपति (इमैनुएल) मैक्रों का नंबर हैक किए गए नंबरों में से एक था। इस्राइल खुद अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद द्वारा जांच के आदेश दिए हैं।