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ओजोन प्रदूषण से भारत में होती है सबसे ज्यादा मौत
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 15 Feb 2017 02:31 PM IST
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प्रदूषण के कारण होनी वाली मौत की श्रेणी में भारत दूनिया के सभी देशों से आगे है। स्टेट ग्लोबल एयर 2017 की रिपोर्ट के अनुसार प्रदूषण के कारण चीन में सबसे ज्यादा मौतें होती हैं। वहीं, भारत मौत के मामले में दूसरे नंबर पर है। पिछले साल दिवाली के अगले दिन पूरा दिल्ली - एनसीआर धूंध की चादर से ढ़क गया था। उस दौरान यहां के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा था।
स्टेट ग्लोबल एयर की रिपोर्ट की मानें तो 2015 में ओजोन परत को बहुत नुकसान हुआ था। इसके कारण फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां बढ़ी। बोस्टन में जारी की गई इस रिपोर्ट के अनुसार, ओजोन परत के खराब होने से लगभग 2.54 लाख लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें से सबसे ज्यादा मौत भारत में हुई हैं। भारत का यह आंकड़ा बांग्लादेश से 13 गुना और पाकिस्तान से 21 गुना ज्यादा है।
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स्टेट ग्लोबल एयर की रिपोर्ट की मानें तो 2015 में ओजोन परत को बहुत नुकसान हुआ था। इसके कारण फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां बढ़ी। बोस्टन में जारी की गई इस रिपोर्ट के अनुसार, ओजोन परत के खराब होने से लगभग 2.54 लाख लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें से सबसे ज्यादा मौत भारत में हुई हैं। भारत का यह आंकड़ा बांग्लादेश से 13 गुना और पाकिस्तान से 21 गुना ज्यादा है।
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195 देशों में प्रदूषण से लगभग 300 से अधिक बीमारियां
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दुनिया के लगभग 92% प्रतिशत जनसंख्या वायु प्रदूषण का शिकार है। वहीं हेल्थ इफेक्ट्स इंस्टिट्यूट के प्रेजिडेंट डैन ग्रीनबाउम का कहना है कि हम दुनिया में वायु प्रदूषण की समस्या को देख रहे है और यह रिपोर्ट पता लगा रही है कि धरती पर वायु प्रदूषण का कितना योगदान है। साथ ही उन्होनें कहा कि प्रदूषण को लेकर कई हिस्सों में स्थिति सुधरी है लेकिन अभी बहुत कुछ करना बाकी है।
2000 शोधकर्ताओं की इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 1990 से 195 देशों में प्रदूषण से लगभग 300 से अधिक बीमारियां है। वहीं भारत में सेंटर फॉर साइंस ऐंड इन्वाइरनमेंट की अनुमिता रॉय का कहना है कि भारत को इस विषय पर ढील नहीं देनी चाहिए। उन्होने यह भी कहा कि ओजोन प्रदूषण के कारण कम उम्र में ही लोगों की मौत हो जाती है। इस परेशानी के लिए पूरे देश में एक साथ कदम उठाने की जरूरत है। साथ ही प्रदूषण के लिए पूरी तैयारी के साथ काम करने की जरूरत है।
2000 शोधकर्ताओं की इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 1990 से 195 देशों में प्रदूषण से लगभग 300 से अधिक बीमारियां है। वहीं भारत में सेंटर फॉर साइंस ऐंड इन्वाइरनमेंट की अनुमिता रॉय का कहना है कि भारत को इस विषय पर ढील नहीं देनी चाहिए। उन्होने यह भी कहा कि ओजोन प्रदूषण के कारण कम उम्र में ही लोगों की मौत हो जाती है। इस परेशानी के लिए पूरे देश में एक साथ कदम उठाने की जरूरत है। साथ ही प्रदूषण के लिए पूरी तैयारी के साथ काम करने की जरूरत है।