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संकट: ऑक्सीजन की कमी से मर रहे लोग, बत्रा हॉस्पिटल के चीफ बोले- पता नहीं देश कौन चला रहा
Tue, 04 May 2021 09:40 AM IST
दीप्ति मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीप्ति मिश्रा
Updated Tue, 04 May 2021 09:40 AM IST
सार
ऑक्सीजन को लेकर हाहाकार का माहौल बना हुआ है। इस पर दिल्ली के बत्रा हॉस्पिटल के निदेशक ने कहा कि मुझे नहीं पता कि यह देश कौन चला रहा है।
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एसएन मेडिकल कॉलेज में पिता के शव के पास बैठा बेटा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर का कहर जारी है। देश में लगातार बढ़ते कोरोना मरीजों की संख्या से ऑक्सीजन संकट गहराता जा रहा है। शनिवार को दिल्ली के बत्रा हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कमी से 12 मरीजों की मौत हो गई है। जबकि सोमवार को कर्नाटक के अस्पताल में ऑक्सीजन की किल्लत से 24 मरीज जान गंवा बैठे। चारों तरफ ऑक्सीजन को लेकर हाहाकार का माहौल बना हुआ है। इस पर दिल्ली के बत्रा हॉस्पिटल के निदेशक ने कहा कि मुझे नहीं पता कि यह देश कौन चला रहा है।
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दिल्ली के बत्रा हॉस्पिटल के चिकित्सा निदेशक डॉ. एससीएल गुप्ता ने देश में ऑक्सीजन संकट पर कहा कि यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी है। मरीज मर रहे हैं क्योंकि हमारे पास ऑक्सीजन नहीं है। कोरोना वायरस का इलाज करने के लिए आपको ऑक्सीजन, दवाई और टीकाकरण की आवश्यकता होती है और हमारे पास कुछ भी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा, सरकार कहती है कि देश में ऑक्सीजन की कमी नहीं है, लेकिन ऑक्सीजन की कमी से रीज मर रहे हैं। न्यायपालिका या कार्यपालिका? मुझे नहीं पता कि यह देश कौन चला रहा है। पिछले 14 महीनों में सरकार क्या कर रही थी?
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डॉ. एससीएल गुप्ता ने कहा कि कोरोना की पहली लहर से भी किसी ने कोई सबक नहीं लिया। उन्होंने कहा कि अस्थायी अस्पताल कोई विकल्प नहीं हैं। सरकार वहां ऑक्सीजन भेज रही है, लेकिन बड़े अस्पतालों में नहीं भेज रही। उन्होंने सरकार से गुहार लगाई कि हमें पर्याप्त ऑक्सीजन मुहैया कराई जाए।
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विशेषज्ञों ने कहना है कि छोटे नर्सिंग होम और क्लीनिक में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन पड़ी है, डाटा तैयार करना होगा। आवश्यक अस्पतालों की अपनी कैप्टिव ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता होनी चाहिए, लोग अपने दरवाजे पर ऑक्सीजन की आपूर्ति क्यों नहीं पा सकते हैं? ऐसे लोग हॉस्पिटल क्यों जाएं, जिन्हें ऑक्सीजन की जरूरत ही नहीं है?