फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Over 30 Nations Army Chiefs to Visit Taj Mahal, UNTCC Conference in Delhi from October 14 to 16

UNTCC: ताज का दीदार करेंगे 30 से ज्यादा देशों के सेना प्रमुख, दिल्ली में 14 से 16 अक्तूबर तक होगा सम्मेलन

Sun, 12 Oct 2025 04:38 AM IST
शिवम गर्ग अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: शिवम गर्ग Updated Sun, 12 Oct 2025 04:38 AM IST
सार

नई दिल्ली में 14 से 16 अक्तूबर तक यूएनटीसीसी सम्मेलन आयोजित होगा जिसमें 30 से ज्यादा देशों के सेना प्रमुख शामिल होंगे। सम्मेलन के दौरान सभी अधिकारी ताजमहल का दीदार करेंगे और शांति अभियानों को प्रभावी बनाने पर चर्चा करेंगे।

विज्ञापन
Over 30 Nations Army Chiefs to Visit Taj Mahal, UNTCC Conference in Delhi from October 14 to 16
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ORF

विस्तार

भारतीय सेना 14 से 16 अक्तूबर तक नई दिल्ली में संयुक्त राष्ट्र सैन्य योगदानकर्ता देशों (यूएनटीसीसी) के प्रमुखों के सम्मेलन की मेजबानी करेगी, जिसमें 30 से अधिक देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी शामिल होंगे। सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में सहयोग और संवाद को सुदृढ़ किया जाएगा। साथ ही, प्रौद्योगिकी के जरिये शांति अभियानों की प्रभावशीलता बढ़ाने पर विचार होगा। भारत यात्रा के दौरान ये सभी सैन्य अधिकारी ताजमहल का दीदार करने पहुंचेंगे।
विज्ञापन


राजधानी में तीन दिवसीय सम्मेलन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसमें चीन व पाकिस्तान को छोड़कर सभी पड़ोसी देश शिरकत कर रहे हैं। सम्मेलन के दौरान जमीनी चुनौतियों के मुताबिक मिशनों को अधिक उत्तरदायी बनाने पर भी बातचीत होगी। इस सम्मेलन को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी समेत कई अधिकारी संबोधित करेंगे।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- Satta Ka Sangram: आज बक्सर पहुंचेगा अमर उजाला का चुनावी रथ, कई मुद्दों पर होगी चर्चा, कैसा है चुनावी इतिहास?
विज्ञापन
विज्ञापन


कार्यक्रम की रूपरेखा
तय कार्यक्रम के मुताबिक सभी सेना प्रमुख 13 अक्तूबर यानी सोमवार शाम तक भारत पहुंचेंगे। अगले दिन 14 अक्तूबर को सेना के मानेकशॉ सेंटर में उनकी अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें होंगी। कई देशों के सेना प्रमुखों ने भारत में अपने सैन्य पाठ्यक्रम पूरे किए हैं और भारत आकर अपने सहपाठियों से मिलेंगे। अगले दिन 15 अक्तूबर को सुबह आगरा में ताजमहल का दीदार करेंगे। यहां सेना स्वदेशी हथियारों की प्रदर्शनी भी लगाएगी जिसमें स्वदेशी सैन्य तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा, ताकि प्रतिभागी देश रक्षा क्षेत्र में भारत के बढ़ते कदमों से परिचित हो सकें।


ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष सत्र
सम्मेलन में शामिल होने वाले सेनाध्यक्षों को ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी भी दी जाएगी। भारत लगातार कहता रहा है कि इस ऑपरेशन का उद्देश्य आतंकी शिविरों को निशाना बनाना था, न कि किसी देश पर हमला करना। सम्मेलन में श्रीलंका, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, इटली, फ्रांस, इंडोनेशिया, ब्राजील और मलेशिया समेत लगभग 30 देश हिस्सा लेंगे।

ये भी पढ़ें:- कब खुलेगा चिड़ियाघर? ये रहा जवाब: 2016 और 2021 में भी हो चुका बंद, वायरस के कारण लगी थी लोगों के जाने पर रोक

यूएन शांति सेना में भारत
1948 से अब तक 2.90 लाख भारतीय सैनिकों ने 50 से ज्यादा यूएन मिशन में योगदान दिया है, जो दुनिया में सबसे बड़ा योगदान है। भारतीय सैनिकों ने दुनिया के सबसे कठिन क्षेत्रों जैसे कांगो, दक्षिण सूडान, लेबनान आदि में न केवल साहस दिखाया है, बल्कि अस्पताल, स्कूल और सड़कें बनाकर अपनी सेवा भावना से दिल भी जीते। अब तक 180 से ज्यादा भारतीय सैनिकों ने शांति के लिए बलिदान दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed