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Gujarat Earthquake: गुजरात के कच्छ में 3.2 तीव्रता का भूकंप; फिलहाल किसी नुकसान की खबर नहीं
Sun, 29 Dec 2024 11:37 AM IST
अभिषेक दीक्षित
पीटीआई, अहमदाबाद
पीटीआई, अहमदाबाद
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sun, 29 Dec 2024 11:37 AM IST
सार
जिला प्रशासन ने बताया कि किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की कोई खबर नहीं है। इस महीने जिले में तीन से अधिक तीव्रता वाला यह तीसरा भूकंप है। 23 दिसंबर को कच्छ में 3.7 तीव्रता का भूकंप आया था। आईएसआर के मुताबिक, सात दिसंबर को जिले में 3.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था।
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भूकंप
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गुजरात के कच्छ जिले में रविवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंपीय अनुसंधान संस्थान (आईएसआर) के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता 3.2 मापी गई। गांधीनगर स्थित आईएसआर ने बताया कि भूकंप सुबह 10.06 बजे आया और इसका केंद्र भचाऊ से 18 किलोमीटर उत्तर-उत्तर पूर्व में स्थित था।
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जिला प्रशासन ने बताया कि किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की कोई खबर नहीं है। इस महीने जिले में तीन से अधिक तीव्रता वाला यह तीसरा भूकंप है। 23 दिसंबर को कच्छ में 3.7 तीव्रता का भूकंप आया था। आईएसआर के मुताबिक, सात दिसंबर को जिले में 3.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था।
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क्यों आता है भूकंप?
पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।
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जानें क्या है भूंकप के केंद्र और तीव्रता का मतलब?
भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।
कैसे मापा जाता है भूकंप की तिव्रता और क्या है मापने का पैमाना?
भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।