फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Orissa High Court seeks explanation from Berhampur SP over public statement on sub-judice election case

Odisha: उच्च न्यायालय में लंबित मामले पर सार्वजनिक बयान देने पर हाईकोर्ट सख्त, बेरहामपुर एसपी को भेजा नोटिस

Sat, 01 Nov 2025 01:11 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर Published by: शिवम गर्ग Updated Sat, 01 Nov 2025 01:11 PM IST
सार

ओडिशा हाईकोर्ट ने बेरहामपुर एसपी सरवणा विवेक एम को अदालत में लंबित चुनाव याचिका पर सार्वजनिक बयान देने के लिए जवाब देने को कहा है। अदालत ने इसे न्यायालय की अवमानना मानने पर भी विचार किया है।

विज्ञापन
Orissa High Court seeks explanation from Berhampur SP over public statement on sub-judice election case
ओडिशा हाईकोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : आधिकारिक वेबसाइट (orissahighcourt.nic.in)

विस्तार

ओडिशा हाईकोर्ट ने बेरहामपुर के एसपी सरवणा विवेक एम को नोटिस जारी कर यह पूछा है कि उन्होंने एक चल रहे अदालत के मामले पर सार्वजनिक टिप्पणी क्यों की। अदालत ने इस पर नाराजगी जताई और कहा कि यह आचरण न्यायालय की अवमानना के दायरे में आ सकता है। न्यायमूर्ति शशिकांत मिश्रा की एकल पीठ ने शुक्रवार को आदेश जारी करते हुए बेरहामपुर एसपी से 7 नवंबर तक लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा है।

विज्ञापन


SP ने मीडिया में चुनाव याचिका से जुड़ी जांच का किया था जिक्र
दरअसल, एसपी सरवणा विवेक ने 22 अक्तूबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेरहामपुर से भाजपा विधायक के खिलाफ दायर चुनाव याचिका से जुड़े बयान दिए थे। यह याचिका फिलहाल हाईकोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने दावा किया था कि यह याचिका सिबा शंकर दास के एक घरेलू कर्मचारी के नाम पर दाखिल की गई थी, जबकि वास्तव में इसे दास ने खुद दाखिल किया था और इसके कानूनी खर्च पूर्व बीजेडी विधायक बिक्रम पांडा ने उठाए थे।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- Kerala: अत्यधिक गरीबी उन्मूलन करने वाला देश का पहला राज्य बना केरल, सीएम विजयन ने किया एलान
विज्ञापन
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने कहा- लंबित मामले पर टिप्पणी अस्वीकार्य
अदालत ने कहा अगर यह बयान सही है, तो यह चिंताजनक है कि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने अदालत में विचाराधीन मामले पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी की। ऐसा व्यवहार न केवल अनुचित है, बल्कि यह न्यायिक प्रक्रिया पर असर डाल सकता है।हाईकोर्ट ने एसपी से यह स्पष्ट करने को कहा कि किन परिस्थितियों में उन्होंने ऐसा बयान दिया और क्यों न इसे न्यायालय की अवमानना माना जाए।


याचिकाकर्ता ने लगाया अवैध हिरासत का आरोप
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता मनोज कुमार पांडा ने अदालत को बताया कि उन्हें पुलिस ने चुनाव याचिका के संबंध में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। पांडा ने 2024 के विधानसभा चुनाव में बेरहामपुर सीट से बीजेपी विधायक के. अनिल कुमार के चुनाव को चुनौती दी थी।

ये भी पढ़ें:- Karnataka: 'हर कार्यालय में फहराया जाए राष्ट्रीय ध्वज के साथ कर्नाटक का झंडा', राज्योत्सव पर डिप्टी CM की अपील

हत्या और चुनाव विवाद में जुड़े दो नेता गिरफ्तार
पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या के मामले में बिक्रम पांडा और सिबा शंकर दास उर्फ पिंटू दास के बीच राजनीतिक साठगांठ थी। दोनों को पहले ही पिताबस पांडा की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed