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नोटबंदी व कश्मीर पर फिर नहीं चली संसद
अमर उजाला ब्यूरो/ नई दिल्ली
Updated Wed, 30 Nov 2016 10:59 PM IST
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- फोटो : PTI
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वित्त मंत्री अरुण जेटली और जनतादल यूनाइटेड नेता शरद यादव ने बुधवार को राज्यसभा में एक दूसरे पर तीखे कटाक्ष किए। दरअसल शरद यादव विपक्ष के नगरोटा में मारे गए सैनिकों और नोटबंदी के चलते कथित तौर पर मरने वाले 90 लोगों को श्रद्धाजंलि देने की मांग पर अपनी बात कहने के लिए खड़े हुए थे। शरद यादव बोल रहे थे तभी अरुण जेटली खड़े हुए और कहा कि नोटबंदी पर चर्चा पहले अपनी पार्टी के अंदर कर लें फिर बोलें सहमत हैं कि नहीं है। शरद यादव ने कहा मैंने जो सवाल उठाया है वो लोगों की परेशानी से जुड़ा है आपके पीएम आपके साथ हैं क्या, आपकी बात मान रहे हैं क्या।
राज्यसभा की शुरूआत सुबह नगरोटा में शहीद जवानों और नोटबंदी के चलते कथित तौर पर मारे गए लोगों को श्रद्धाजंलि की मांग के साथ हुई। टीएमसी सांसद सुखेंदु राय ने कहा कि सदन को शोक प्रस्ताव लाना चाहिए। विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद, बसपा नेत्री मायावती, सपा के प्रो.रामगोपाल और जदयू के शरद यादव भी समर्थन में खड़े हुए और अपनी बात रखी। विपक्ष का कहना था कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद लगातार हमारे सैनिक शहीद हो रहे हैं। मायावती ने कहा कि सरकार संवेदनशील नहीं है। आजाद ने कहा कि दो अफसरों समेत सात सैनिकों की मौत गंभीर बात है।
विपक्ष के हंगामे और मांग को देखते हुए नेता सदन अरुण जेटली ने कहा कि नोटबंदी को लेकर पहले से ही चर्चा जारी है। सरकार सीमा पर हो रही कार्रवाई को लेकर भी चर्चा के लिए तैयार है। बावजूद विपक्ष का हंगामा जारी रहा। सांसद प्रो. रामगोपाल ने कहा कि नोटबंदी के कारण लगी लाइन में मरने वाले गरीब थे। लिहाजा सरकार प्रत्येक परिवार को दस लाख रुपए मुआवजा दे। विपक्षी सांसद सरकार विरोधी नारेबाजी करते रहे।
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उपसभापति ने सदन को जानकारी दी कि करेंसी की कमी और नगरोटा मामले को लेकर उन्हें दो नोटिस प्राप्त हुए हैं। विपक्षी सांसद शोक प्रस्ताव लाने को लेकर शोर करते रहे और वेल में आ गए। हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। सभापति हामिद अंसारी ने प्रश्रकाल शुरू कराने का प्रयास किया लेकिन विपक्ष की ओर से जय जवान-जय किसान की नारेबाजी शुरू हो गई। हालांकि बाद में सत्ता पक्ष के कुछ सांसद भी साथ-साथ नारेबाजी करने लगे और सदन फिर स्थगित करना पड़ा।
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राज्यसभा की शुरूआत सुबह नगरोटा में शहीद जवानों और नोटबंदी के चलते कथित तौर पर मारे गए लोगों को श्रद्धाजंलि की मांग के साथ हुई। टीएमसी सांसद सुखेंदु राय ने कहा कि सदन को शोक प्रस्ताव लाना चाहिए। विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद, बसपा नेत्री मायावती, सपा के प्रो.रामगोपाल और जदयू के शरद यादव भी समर्थन में खड़े हुए और अपनी बात रखी। विपक्ष का कहना था कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद लगातार हमारे सैनिक शहीद हो रहे हैं। मायावती ने कहा कि सरकार संवेदनशील नहीं है। आजाद ने कहा कि दो अफसरों समेत सात सैनिकों की मौत गंभीर बात है।
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विपक्ष के हंगामे और मांग को देखते हुए नेता सदन अरुण जेटली ने कहा कि नोटबंदी को लेकर पहले से ही चर्चा जारी है। सरकार सीमा पर हो रही कार्रवाई को लेकर भी चर्चा के लिए तैयार है। बावजूद विपक्ष का हंगामा जारी रहा। सांसद प्रो. रामगोपाल ने कहा कि नोटबंदी के कारण लगी लाइन में मरने वाले गरीब थे। लिहाजा सरकार प्रत्येक परिवार को दस लाख रुपए मुआवजा दे। विपक्षी सांसद सरकार विरोधी नारेबाजी करते रहे।
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उपसभापति ने सदन को जानकारी दी कि करेंसी की कमी और नगरोटा मामले को लेकर उन्हें दो नोटिस प्राप्त हुए हैं। विपक्षी सांसद शोक प्रस्ताव लाने को लेकर शोर करते रहे और वेल में आ गए। हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। सभापति हामिद अंसारी ने प्रश्रकाल शुरू कराने का प्रयास किया लेकिन विपक्ष की ओर से जय जवान-जय किसान की नारेबाजी शुरू हो गई। हालांकि बाद में सत्ता पक्ष के कुछ सांसद भी साथ-साथ नारेबाजी करने लगे और सदन फिर स्थगित करना पड़ा।
मायावती की मोदी को चुनौती, सांसदों-विधायकों से मांगे दस महीने का हिसाब
मायावती
- फोटो : amar ujala
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि भाजपा में अगर हिम्मत हैं तो उन्हें अपने सांसदों और भाजपा विधायकों के बैंक खातों का दस महीने का हिसाब दें। बसपा सुप्रीमो ने संसद भवन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए मोदी सरकार और भाजपा पर गड़बड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोगों को अपना कालाधन सफेद करने का मौका दिया गया है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने नोटबंदी का फैसला बिना तैयारी के लिए किया है। बसपा सुप्रीमो ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि यह सरकार देश की सीमाओं को सुरक्षित करने में असफल रही है। उन्होंने कहा कि संसद में सरकार का जो भाषण होता और जमीनी हकीकत में बहुत अंतर है। उन्होंने कहा कि सरकार को देश की सीमाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने नोटबंदी का फैसला बिना तैयारी के लिए किया है। बसपा सुप्रीमो ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि यह सरकार देश की सीमाओं को सुरक्षित करने में असफल रही है। उन्होंने कहा कि संसद में सरकार का जो भाषण होता और जमीनी हकीकत में बहुत अंतर है। उन्होंने कहा कि सरकार को देश की सीमाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर होना चाहिए।
नोटबंदी पर पीएम बहस के लिए तैयार : कलराज
कलराज मिश्र
- फोटो : amar ujala
मोदी सरकार में सूक्ष्म एवं लघु उद्योग मंत्री कलराज मिश्रा ने कहा कि नोटबंदी का विरोध करने वालों ने ही संसद ठप कर रखी है। प्रधानमंत्री बहस के लिए तैयार हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सूबे में विकास ठप है। अराजकता और भ्रष्टाचार चरम पर है। परिर्वतन यात्रा का उद्देश्य ऐसी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिये जनता को जागरूक करना है।
वह बुधवार को बीजेपी की परिवर्तन यात्रा के दौरान नगर के तुलसी सदन के निकट आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देशभर में नोटबंदी से केवल विपक्षी दल परेशान हैं। उनको देश कि विकास से कोई लेना-देना नहीं है। ऐसे ही दलों ने संसद की कार्यवाही को ठप कर रखा है। सपा और बसपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि दोनो ही दलों ने प्रदेश का बेड़ा गर्क किया है। दोनों ने पारी-पारी से प्रदेश को लूटने का काम किया है।
आज प्रदेश में अराजकता का माहौल है। बहू-बेटियों की आबरू सुरक्षित नहीं है। हाइवे पर सरकार के गुंडे उनकी इज्जत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। कानून व्यवस्था ध्वस्त है। विकास के सारे कार्य ठप हैं। मोदी सरकार ने प्रदेश के विकास के लिये हजारों करोड़ों रुपये दिये हैं। मुख्यमंत्री कहते है कि केंद्र सरकार विकास के लिये पैसे नहीं दे रही है। जनधन योजना, किसान बीमा योजना और उज्जवला योजना पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में देश निरंतर विकास की ओर बढ़ रहा है। प्रदेश की जनता वर्तमान सरकार से ऊब चुकी है।
उन्होंने सभा के माध्यम से कहा कि इस बार विधानसभा के चुनाव में प्रदेश में कमल खिलेगा और भाजपा की सरकार बनेगी। इसके पूर्व राष्ट्रीय सचिव डॉ.महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि विधानसभा चुनाव में इस बार सपा और बसपा को लूटने का मौका जनता नहीं देगी। भाजपा की सरकार बनाने की तैयारी जनता ने कर ली है।
वह बुधवार को बीजेपी की परिवर्तन यात्रा के दौरान नगर के तुलसी सदन के निकट आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देशभर में नोटबंदी से केवल विपक्षी दल परेशान हैं। उनको देश कि विकास से कोई लेना-देना नहीं है। ऐसे ही दलों ने संसद की कार्यवाही को ठप कर रखा है। सपा और बसपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि दोनो ही दलों ने प्रदेश का बेड़ा गर्क किया है। दोनों ने पारी-पारी से प्रदेश को लूटने का काम किया है।
आज प्रदेश में अराजकता का माहौल है। बहू-बेटियों की आबरू सुरक्षित नहीं है। हाइवे पर सरकार के गुंडे उनकी इज्जत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। कानून व्यवस्था ध्वस्त है। विकास के सारे कार्य ठप हैं। मोदी सरकार ने प्रदेश के विकास के लिये हजारों करोड़ों रुपये दिये हैं। मुख्यमंत्री कहते है कि केंद्र सरकार विकास के लिये पैसे नहीं दे रही है। जनधन योजना, किसान बीमा योजना और उज्जवला योजना पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में देश निरंतर विकास की ओर बढ़ रहा है। प्रदेश की जनता वर्तमान सरकार से ऊब चुकी है।
उन्होंने सभा के माध्यम से कहा कि इस बार विधानसभा के चुनाव में प्रदेश में कमल खिलेगा और भाजपा की सरकार बनेगी। इसके पूर्व राष्ट्रीय सचिव डॉ.महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि विधानसभा चुनाव में इस बार सपा और बसपा को लूटने का मौका जनता नहीं देगी। भाजपा की सरकार बनाने की तैयारी जनता ने कर ली है।