विपक्ष में अपना-अपना जिन्ना बनाने की होड़, राहुल की ताजपोशी के लिए कराई हिंसा : भाजपा
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पूर्वोत्तर के राज्यों, जामिया मिल्लिया यूनिवर्सिटी और लखनऊ के नदवा कॉलेज में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हुई हिंसा के लिए भाजपा ने सीधे सीधे कांग्रेस और विपक्षी दलों को जिम्मेदार ठहराया है। पार्टी ने जामिया हिंसा को बड़ी साजिश करार देते हुए कहा कि राहुल गांधी को फिर से कांग्रेस की कमान देने की तैयारियों के बीच जानबूझ कर हिंसा भड़काई गई। इस दौरान पार्टी ने एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी को देश का नया जिन्ना बताया।
भाजपा प्रवक्ता सांबित पात्रा ने कहा कि हिंसा की आग विपक्ष जानबूझ कर भड़का रहा है। जिम्मेदार बर्ताव के बदले विपक्ष देशहित से जुड़े एक कानून के खिलाफ अपनी राजनीति के लिए हिंसा का माहौल बना रहा है। सभी दलों ने इस खेल में अपने अपने जिन्ना को मैदान में उतार दिया है। ओवैसी देश के नए जिन्ना के तौर पर काम कर रहे हैं तो आम आदमी पार्टी उनकी प्रतिस्पद्र्घा में अमानतुल्लाह खान को दिल्ली का जिन्ना बनाना चाहती है। पश्चिम बंगाल में कुछ इसी तरह की भूमिका में राज्य की सीएम ममता बनर्जी हैं।
राहुल के लिए भड़काई हिंसा : पात्रा
पात्रा ने कहा कि शनिवार को राहुल की रीलॉन्चिंग के लिए रैली हुई और अगले ही दिन जामिया में हिंसा भड़क गई। यह वही राहुल हैं जो जेएनयू में देशविरोधी नारे लगाने वालों के साथ थे। उनकी मानसिकता देश को तोड़ने वालों के साथ है। इस दौरान पात्रा ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे के बयान का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी हो उसे देश की संपत्ति बर्बाद करने का हक नहीं है।
मुश्किल यह है कि विपक्षी पार्टियां अपनी राजनीति चमकाने के लिए छात्रों के कंधे पर बंदूक रख कर गोलियां चला रही हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष को भी यह पता है कि कानून किसी धर्म के खिलाफ नहीं है। इससे भारत के किसी भी नागरिक की नागरिकता जाने का सवाल नहीं है। मगर ऐसा माहौल बनाया जा रहा है जैसे धर्मविशेष के लोगों की नागरिकता छीनने की तैयारी चल रही है।