23, 26 और 30 जनवरी को सोनिया की अगुवाई में मोदी सरकार को घेरेगा विपक्ष
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23, 26 और 30 जनवरी को विपक्ष कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को घेरेगा। कांग्रेस समेत विपक्ष के 20 राजनीतिक दलों की बैठक में नेताओं ने फैसला लिया कि अब चुप रहकर काम नहीं चलने वाला है।
मौजूदा केंद्र सरकार एक के बाद एक संविधान को ताक पर रखकर देश के अमन-चैन को बिगाड़ने वाले फैसले ले रही है। इस बैठक में देश के शीर्ष नेताओं मे अर्थव्यवस्था, किसानी, छात्रों के आंदोलन समेत देश के तमाम ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की और अपनी आवाज उठाने का फैसला लिया है।
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, एनसीपी के नेता शरद पवार, प्रफुल्ल पटेल, सीताराम येचुरी, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राष्ट्रीय जनता दल के प्रो. मनोज झा, सीपीआई के डी राजा, लोकतांत्रिक जनता दल के शरद यादव, राष्ट्रीय लोकदल के चौधरी अजीत सिंह समेत अन्य थे।
बैठक में एनआरसी, सीएए पर भी चर्चा हुई। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इसके लिए केंद्र सरकार पर जोरदार निशाना साधा। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने खुद जेएनयू, जामिया मिलिया, बीएचयू, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय समेत उच्चशिक्षण संस्थानों में पैदा किए जा रहे हालात को लेकर चिंता जाहिर की।
विपक्ष के नेताओं ने तय किया है कि 23, 26 और 30 जनवरी सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की जाए। 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती है, 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस है। इसी दिन देश में संविधान लागू हुआ था। 30 जनवरी को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का शहादत दिवस है। हालांकि अभी इन तीनों में सरकार के खिलाफ विपक्ष के किए जाने वाले प्रयासों की रूपरेखा सामने नहीं आई है।