विपक्ष के नेताओं ने की राष्ट्रपति से मुलाकात, कृषि विधेयकों को वापस करने का किया अनुरोध
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किसान बिल को लेकर सरकार और विपक्ष में जंग छिड़ चुकी है। बिल को लेकर पहले सदन में हंगामा हुआ, जिसके बाद आठ सांसदों को निलंबित कर दिया गया। सांसदों को निलंबित करने के बाद विपक्षी पार्टियों ने संसद की कार्यवाही को बहिष्कार करना शुरू कर दिया।
इसके बाद शाम में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की। मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि राष्ट्रपति से इस कृषि बिल को वापस कर देने की मांग की है।गुलाम नबी आजाद ने कहा कि विपक्ष राज्यसभा में हंगामे के लिए जिम्मेदार नहीं है। इसके लिए सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने राष्ट्रपति से कहा कि कृषि विधेयक पर हस्ताक्षर न करें। उन्होंने आगे कहा, न तो डिविजन ऑफ वोट हुआ न ध्वनिमत का सम्मान हुआ। लोकतंत्र के मंदिर में संविधान का अपमान किया गया। हमने राष्ट्रपति से कहा है कि कृषि विधेयकों को गलत तरीके से पास करवाया गया है।
There was no division of votes, no voice voting. Constitution was undermined in the temple of democracy. We have given a representation to President that Farm Bills have been passed unconstitutionally & he should return these bills: Ghulam Nabi Azad, Leader of Oppn., Rajya Sabha pic.twitter.com/O0jkUrUGhI
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) September 23, 2020
इससे पहले सभी विपक्षी पार्टियों ने बुधवार को आगे रणनीति के लिए एक साझा बैठक की। विपक्षी पार्टियों ने राष्ट्रपति से मिलने के लिए वक्त मांगा। राष्ट्रपति से मिलने से पहले विपक्षी पार्टियां संसद के परिसर में खड़े होकर बिल के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं। सभी सांसदों के हाथ में किसान बचाओ के प्लेकार्ड भी हैं। इस वीडियो में आप प्रदर्शन को देख सकते हैं।
#WATCH: MPs of Opposition parties march in Parliament premises in protest over farm bills. Placards of 'Save Farmers' & 'Save Farmers, Save Workers, Save Democracy' seen.
— ANI (@ANI) September 23, 2020
Congress' Ghulam Nabi Azad, TMC's Derek O'Brien, and Samajwadi Party's Jaya Bachchan present, among others. pic.twitter.com/PIIxqciFpG
इस प्रदर्शन में कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद और टीएमसी के डेरेक ओ ब्रायन समेत विपक्ष के कई नेता मौजूद हैं। बुधवार को ही गुलाम नबी आजाद के दफ्तर में किसान बिल को लेकर और चर्चा होगी। इसके अलावा इस बात पर मंथन किया जाएगा कि सरकार के खिलाफ किस तरीके से आवाज उठाई जाए।
मंगलवार को विपक्ष ने एलान किया था कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी, वो संसद की कार्यवाही की बहिष्कार करेंगे। विपक्ष ने किसान बिल को सिलेक्ट कमिटी के पास भेजने और निलंबित सांसदों को दोबारा संसद में प्रवेश करने की मांग की है। हालांकि विपक्ष की गैर मौजूदगी में मंगलवार को सरकार ने कई बिल पास करा लिए हैं।