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राज्यसभा में सभापति के खिलाफ विपक्ष ने खोला मोर्चा, सदन में मुंह बंद रखने का लगाया आरोप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 06 Feb 2018 04:17 PM IST
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राज्य सभा
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राज्यसभा में मंगलवार को हंगामे के बाद विपक्ष ने सदन का बहिष्कार कर दिया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि उन्हें राज्यसभा चेयरमैन ने बोलने का मौका नहीं दिया। विपक्ष का कहना है कि वह मुद्दों पर बात करना चाहते थे लेकिन उन्हें बार-बार रोका गया इसके चलते उन्होंने सदन से बाहर जाना ही बेहतर समझा। वहीं कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि विभिन्न स्थानों से आने वाले प्रतिनिधियों को राज्यसभा में बोलने की अनुमति नहीं दी जा रही है यह कैसा लोकतंत्र है।
बता दें कि कल राज्यसभा में अमित शाह का पहला भाषण था इस दौरान भी काफी गहमागहमी रही। अमित शाह के भाषण के बाद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने उन्हीं की भाषा में उन्हें जवाब दिया था। गुलाम नबी आजाद ने सरकार द्वारा गिनाई जा रही उपलब्धियों को सिरे से खारिज करके उस पर जनता से झूठे वादे करने, जुमला गढ़ने, सपने दिखाने का आरोप लगाया।
गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह सरकार कोई क्रांतिकारी काम नहीं कर रही है। यह गेम चेंजर (खेल पलटने वाली) नहीं बल्कि नेम चेंजर (नाम बदलने वाली) है। आजाद ने प्रधानमंत्री के न्यू इंडिया को नकारते हुए कहा कि हमें और देश को यह न्यू इंडिया नहीं चाहिए, हमें आप हमारा पुराना भारत लौटा दो।
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बता दें कि कल राज्यसभा में अमित शाह का पहला भाषण था इस दौरान भी काफी गहमागहमी रही। अमित शाह के भाषण के बाद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने उन्हीं की भाषा में उन्हें जवाब दिया था। गुलाम नबी आजाद ने सरकार द्वारा गिनाई जा रही उपलब्धियों को सिरे से खारिज करके उस पर जनता से झूठे वादे करने, जुमला गढ़ने, सपने दिखाने का आरोप लगाया।
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गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह सरकार कोई क्रांतिकारी काम नहीं कर रही है। यह गेम चेंजर (खेल पलटने वाली) नहीं बल्कि नेम चेंजर (नाम बदलने वाली) है। आजाद ने प्रधानमंत्री के न्यू इंडिया को नकारते हुए कहा कि हमें और देश को यह न्यू इंडिया नहीं चाहिए, हमें आप हमारा पुराना भारत लौटा दो।
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आनंद शर्मा
गुलाम नबी आजाद ने बिना नाम लिए कहा कि अमित शाह अपने संबोधन में जिस वंशवाद और एक परिवार के 55 साल तक शासन की बात कर रहे हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि 25-30 साल में इस परिवार का कोई व्यक्ति न तो देश का प्रधानमंत्री बना है और न ही मंत्री। ऐसे में उन्होंने किस वंशवाद से निजात दिलाई? आजाद ने नेहरु-गांधी परिवार से भाजपा के डर का तंज कसते हुए कहा कि आपके (भाजपा) भीतर जो डर बैठा हुआ है और उससे भाजपा नेताओं को नींद नहीं आ रही है, तो उसका कांग्रेस पार्टी क्या करें?
जातिवाद के अमित शाह के वक्तव्य पर भी आजाद ने तंज कसा। उन्होंने इसके लिए भाजपा की बंटवारे की राजनीति को भी हाशिए पर लिया। तुष्टीकरण को लेकर भी आजाद ने कहा कि आज पूरे देश में एक ही पार्टी के लोगों को काम, रोजगार, नौकरी, हक सब मिल रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के लिए ऐसी भयानक पहल इससे पहले कभी नहीं हुई थी।
जातिवाद के अमित शाह के वक्तव्य पर भी आजाद ने तंज कसा। उन्होंने इसके लिए भाजपा की बंटवारे की राजनीति को भी हाशिए पर लिया। तुष्टीकरण को लेकर भी आजाद ने कहा कि आज पूरे देश में एक ही पार्टी के लोगों को काम, रोजगार, नौकरी, हक सब मिल रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के लिए ऐसी भयानक पहल इससे पहले कभी नहीं हुई थी।