{"_id":"58c9bc7d4f1c1b250832aab9","slug":"opposition-parties-did-not-support-to-congress-in-the-rajya-sabha-on-the-issue-of-goa-and-manipur","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोवा व मणिपुर के मुद्दे पर विपक्षी दलों ने कांग्रेस से बनाई दूरी","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
गोवा व मणिपुर के मुद्दे पर विपक्षी दलों ने कांग्रेस से बनाई दूरी
amarujala.com- Presented by: संदीप भट्ट
Updated Thu, 16 Mar 2017 06:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोवा और मणिपुर में भाजपा के सरकार बनाने के मुद्दे पर राज्यसभा में बुधवार को कांग्रेस के विरोध से समाजवादी पार्टी और जनता दल युनाइटेड समेत कई विपक्षी दलों ने दूरी बना ली। साथ ही कांग्रेस के विरोध के चलते जेएनयू में दलित छात्र की आत्महत्या का मामला नहीं उठा पाने को लेकर जदयू नेता शरद यादव और सपा के नेताओं ने रोष भी जताया।
उत्तर प्रदेश में हार के बाद समाजवादी पार्टी मोदी सरकार के खिलाफ हंगामे में भाग नहीं ले रही है। बुधवार को कांग्रेस ने गोवा और मणिपुर में भाजपा पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाया। उस समय जदयू नेता अली अनवर और भाकपा नेता डी राजा ने जेएनयू में दलित छात्र की आत्महत्या का मामला उठाने के लिए नोटिस दिया था।
आनंद शर्मा ने सदन के उपसभापति पीजे कुरियन की अनुमति के बाद इस मसले पर मोदी सरकार का विरोध किया। उसके बाद गुलाम नबी आजाद ने बोलना चाहा। मगर जदयू नेता शरद यादव और सपा नेताओं ने कहा कि पहले जेएनयू का मामला उठाने दिया जाये। इसके बाद आजाद को बैठना पड़ा। भाकपा के डी राजा ने मोदी सरकार के राज में केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दलितों के साथ भेदभाव का मुद्दा उठाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश में हार के बाद समाजवादी पार्टी मोदी सरकार के खिलाफ हंगामे में भाग नहीं ले रही है। बुधवार को कांग्रेस ने गोवा और मणिपुर में भाजपा पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाया। उस समय जदयू नेता अली अनवर और भाकपा नेता डी राजा ने जेएनयू में दलित छात्र की आत्महत्या का मामला उठाने के लिए नोटिस दिया था।
विज्ञापन
आनंद शर्मा ने सदन के उपसभापति पीजे कुरियन की अनुमति के बाद इस मसले पर मोदी सरकार का विरोध किया। उसके बाद गुलाम नबी आजाद ने बोलना चाहा। मगर जदयू नेता शरद यादव और सपा नेताओं ने कहा कि पहले जेएनयू का मामला उठाने दिया जाये। इसके बाद आजाद को बैठना पड़ा। भाकपा के डी राजा ने मोदी सरकार के राज में केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दलितों के साथ भेदभाव का मुद्दा उठाया।
विज्ञापन