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भीमा कोरेगांव मामला: स्टेन स्वामी के निधन पर भड़का विपक्ष, राष्ट्रपति कोविंद को चिट्ठी लिख की ये मांग

Tue, 06 Jul 2021 07:10 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Tue, 06 Jul 2021 07:10 PM IST
सार

कांग्रेस  अध्यक्ष सोनिया गांधी, राकांपा प्रमुख शरद पवार, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित कई विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को पत्र लिखकर कहा है कि भीमा कोरेगांव के आरोपी स्टेन स्वामी पर झूठे मामले थोपने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

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Opposition leaders write to President Ram Nath Kovind urging him for probe into Bhima Koregaon accused Stan Swamy death case
स्टेन स्वामी - फोटो : पीटीआई

विस्तार

भीमा कोरेगांव हिंसा से जुड़े मामले में आरोपी स्टेन स्वामी के निधन के बाद राजनीति भी तेज हो गई है। विपक्ष के कई नेताओं ने स्वामी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति कोविंद को चिट्ठी लिखकर जांच की मांग की है। कांग्रेस  अध्यक्ष सोनिया गांधी, राकांपा प्रमुख शरद पवार, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित कई विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को पत्र लिखकर कहा है कि भीमा कोरेगांव के आरोपी स्टेन स्वामी पर झूठे मामले थोपने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

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परिवार ने भी लगाए गंभीर आरोप
परिवार ने अपने बयान में कहा कि यह अविवेकपूर्ण है कि स्वामी जैसे वृद्ध और खराब स्वास्थ्य का सामना कर रहे व्यक्ति को महामारी के बीच जेल में रखा गया था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जेल में कैद अपने परिवार के सदस्यों और सहकर्मियों की जान को खतरा होने का अंदेशा है जोकि जेल में 'समान अन्याय' का सामना कर रहे हैं।
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बता दें कि स्वामी को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने एल्गार परिषद मामले के सिलसिले में अक्टूबर 2020 में गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत रांची से गिरफ्तार किया था और नवी मुंबई स्थित तलोजा केंद्रीय कारागार में रखा था। स्वामी 84 साल के थे। सोमवार को मुंबई के होली फैमिली अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई। दिल का दौरा पड़ने के एक दिन बाद उन्हें वहां 29 मई को भर्ती कराया गया था और वेंटिलेटर पर रखा गया था।
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एल्गार परिषद मामला 31 दिसंबर 2017 को पुणे में हुई एक सभा में कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा कथित भड़काऊ भाषण दिये जाने से संबद्ध है। पुलिस का दावा है कि इन भाषणों के चलते अगले दिन शहर के बाहरी इलाके में स्थित कोरेगांव-भीमा युद्ध स्मारक के पास हिंसा भड़क गई। साथ ही, सभा का आयोजन माओवादियों से कथित संबंध रखने वाले लोगों ने किया था।


बयान में कहा गया है, ‘‘हम, कोरेगांव-भीमा साजिश मामले में आरोपियों के मित्र एवं परिवार के सदस्य फादर स्टेन स्वामी को खोने से बहुत दुखी और स्तब्ध हैं। यह कोई स्वाभाविक मृत्यु नहीं थी, बल्कि एक अमानवीय सरकार द्वारा की गई एक संस्थागत हत्या है। ’’

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