फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Operation Sindoor: Indian Army precise attack destroyed Jaish-e-Mohammed communication network in Sarjal

Opration Sindoor: आतंकियों व पाक में बैठे आकाओं की संपर्क कड़ी ध्वस्त, सरजल में चल रहा था आतंक का खौफनाक खेल

Thu, 08 May 2025 06:15 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Thu, 08 May 2025 06:15 AM IST
सार

भारतीय सशस्त्र बलों के सटीक हमले में सरजल में चल रहा जैश-ए-मोहम्मद का संचार नेटवर्क भी ध्वस्त हो गया है। जैश का नेटवर्क सुरक्षा लिहाज से एक बड़ा सिरदर्द बना हुआ था। यह संचार नेटवर्क एकदम गोपनीय तरीके से तेहरा कलां गांव के एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चलाया जा रहा था। यह कश्मीर में सक्रिय आतंकियों और पाकिस्तान में बैठे उनके आकाओं के बीच संपर्क की एक प्रमुख कड़ी के तौर पर काम करता था

विज्ञापन
Operation Sindoor: Indian Army precise attack destroyed Jaish-e-Mohammed communication network in Sarjal
भारत के हमले के बाद ध्वस्त आतंकी ढांचे में खोजबीन करते पाकिस्तानी बल (फाइल) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में भारतीय सशस्त्र बलों के सटीक हमले में सरजल में चल रहा जैश-ए-मोहम्मद का संचार नेटवर्क भी ध्वस्त हो गया है। जैश का नेटवर्क सुरक्षा लिहाज से एक बड़ा सिरदर्द बना हुआ था। यह संचार नेटवर्क एकदम गोपनीय तरीके से तेहरा कलां गांव के एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चलाया जा रहा था। यह कश्मीर में सक्रिय आतंकियों और पाकिस्तान में बैठे उनके आकाओं के बीच संपर्क की एक प्रमुख कड़ी के तौर पर काम करता था।

विज्ञापन

दहशतगर्दों के साथ मिलकर हमलों की साजिश रचते थे आतंकी आका
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जैश के इस ठिकाने से उच्च आवृत्ति वाली संचार व्यवस्था संचालित की जा रही थी, जिसका इस्तेमाल आतंकी आका जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ करने वाले दहशतगर्दों के साथ मिलकर हमलों की साजिश रचने और उनकी गतिविधियों की जानकारी रखने के लिए करते थे। सुरक्षा एजेंसियों ने पंजाब प्रांत के शकरगढ़ में स्थित सरजल शिविर को इसके संचार ढांचे के कारण ही अपने प्रमुख निशाने के तौर पर चिन्हित किया था। बिना किसी बाधा के संचार संपर्क स्थापित करने के लिए यहां लंबे एंटीना का इस्तेमाल किया जाता था। सूत्रों ने कहा कि यह संचार ढांचा ध्वस्त होने से जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों के लिए सीमा पार बैठे अपने आकाओं के साथ संपर्क करना आसान नहीं होगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

पाक सेना और आईएसआई से मिलते थे संचार उपकरण
सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई की तरफ से आतंकियों को लोरा (लॉन्ग रेंज) अल्ट्रा सेट और डिजिटल मोबाइल रेडियो (डीएमआर) सहित सैन्य स्तर के संचार उपकरण मुहैया कराए जाते रहे हैं। यही वजह है कि इनके जरिये होने वाला संचार संपर्क पारंपरिक दूरसंचार नेटवर्क की पकड़ से बाहर रहता था। यही नहीं, दहशतगर्दों की मदद के इरादे से ही पाकिस्तानी सेना ने अंतरराष्ट्रीय सीमा और एलओसी के आसपास अपनी दूरसंचार कंपनियों के सिग्नल मजबूत कर रखे हैं।

विज्ञापन

पाक सेना और आईएसआई से मिलते थे संचार उपकरण
सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई की तरफ से आतंकियों को लोरा (लॉन्ग रेंज) अल्ट्रा सेट और डिजिटल मोबाइल रेडियो (डीएमआर) सहित सैन्य स्तर के संचार उपकरण मुहैया कराए जाते रहे हैं। यही वजह है कि इनके जरिये होने वाला संचार संपर्क पारंपरिक दूरसंचार नेटवर्क की पकड़ से बाहर रहता था। यही नहीं, दहशतगर्दों की मदद के इरादे से ही पाकिस्तानी सेना ने अंतरराष्ट्रीय सीमा और एलओसी के आसपास अपनी दूरसंचार कंपनियों के सिग्नल मजबूत कर रखे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed