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ऑनलाइन इबादत: बोहरा समाज ने रमजान में पेश की मिसाल, मदद के लिए बनाए कोरोना वॉर रूम
Mon, 10 May 2021 11:04 PM IST
सुरेंद्र जोशी
राहुल संपाल, अमर उजाला, नई दिल्ली
राहुल संपाल, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Mon, 10 May 2021 11:04 PM IST
सार
रमजान में मस्जिद बंद है और मदद चालू। दाऊदी बोहरा समाज का अनुशासन व संयम एक बार फिर नजर आ रहा है।
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बोहरा समाज (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : iStock
विस्तार
कोरोना संक्रमण के दौरान धार्मिक आयोजनों में जुटने वाली भीड़ पर नियत्रंण सरकार और सिस्टम के लिए सबसे बड़ी चुनौती रहा है। पहली लहर के दौरान तब्लीगी जमात और दूसरी लहर के दौरान कुंभ जैसे आयोजन परेशानी का सबब भी बने। धार्मिक भीड़ के इन उदाहरणों में दाऊदी बोहरा समाज का अनुशासन और रमजान में भी धार्मिक संयम एक मिसाल बनकर सामने आया है।
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बोहरा समाज ने रमजान में इबादत को ऑनलाइन कर दिया है। मस्जिद बंद है और इससे भी आगे बढ़कर कोरोना में अपने बोहरा समाज के साथ साथ दूसरे लोगों की मदद के लिए वॉर रूम भी स्थापित कर दिए गए हैं। घर में रहकर भी जिन लोगों को कोरोना के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, उन्हें दवाई से लेकर आइसोलेशन सेंटर और ऑक्सीजन सिलेंडर से लेकर इंजेक्शन तक की मदद दी जा रही है।
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ऑनलाइन मजलिस की शुरूआत
बोहरा समाज कमेटी मुंबई के सदस्य मुर्तजा सदरीवाला ने अमर उजाला को बताया कि कोरोना की दूसरी लहर का देखते हुए हमने बोहरा समाज के लोगों से कहा कि वे गैर-जरूरी यात्रा को रोक दें। सामाजिक दूरी बनाकर रखें। अगर स्वस्थ हैं तो भी सावर्जनिक स्थान और सार्वजनिक समारोह में जाने से बचें। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी रमजान में सभी से अपने घरों में ही नमाज अदा करने और मस्जिद में नहीं जाने के लिए अपील की है। ईमेल पर लिंक भेजकर ऑनलाइन मजलिस के जरिए कुरान के संदेश पहुंचाए जा रहे हैं।
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इंदौर, मुंबई और पुणे में बने कोविड सेंटर और वॉर रूम
मुर्तजा सदीरवाला ने आगे बताया कि रमजान में समाज के लोग शाम को नमाज और इफ्तार के लिए एकत्र होते हैं, लेकिन संक्रमण को देखते हुए ये फिलहाल बंद कर दिया गया है। एफएमबी कम्युनिटी किचन के जरिए शाम के वक्त का भोजन भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। प्रोजेक्ट राइस के तहत आइसोलेशन सेंटर खोले गए हैं। लोगों को दवाइयों से लेकर ऑक्सीजन सिलेंडर तक पहुंचाने का काम विभिन्न शहरों में किया जा रहा है। पुणे और मुंबई में वॉर रूम बनाया गया है। वॉर रूम डॉक्टरों की सलाह, एंबुलेंस, अस्पताल में बेड की व्यवस्था करवाने के साथ ही मृत्यु हो जाने पर दफनाने की प्रकिया में भी सहायता कर रहा है।
दिल्ली में बनाई 14 लोगों की टास्क फोर्स
बोहरा समाज कमेटी दिल्ली के सदस्य मुर्तजा शाकीर ने अमर उजाला से कहा कि समाज के सभी लोगों के घर में कच्चा अनाज पहुंचाया गया है। सूखा अनाज भी वितरित किया जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर में 14 सदस्यों की एक टास्क फोर्स बनाई गई है। जो दवाइयों से लेकर ऑक्सीजन सिलिंडर तक पहुंचाने का काम कर रही है। समाज के लोगों से जल्द से जल्द वैक्सीन लगवाने की अपील भी की जा रही है।
कौन हैं बोहरा मुस्लिम
दाऊदी बोहरा मुस्लिमों की ही एक जाति है। इस समाज के अधिकतर लोग व्यापार आदि से जुड़े रहते हैं। गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में दाऊदी बोहरा के लोग बसते हैं। भारत में करीब 4 लाख लोग इस समुदाय के हैं। पाकिस्तान के सिंध प्रांत के अलावा अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, दुबई, इराक, यमन, साउथ ईस्ट एशिया के अलावा ईस्ट अफ्रीका में भी इस समुदाय के लोग बड़ी संख्या में हैं। पूरे विश्व में बोहरा समाज के तकरीबन 10 लाख लोग हैं।