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पाकिस्तानी एजेंट से ऑनलाइन दोस्ती पड़ी भारी: हनी ट्रैप में फंसा नौसेना का नाविक, भेजी समुद्री खुफिया जानकारी

Sun, 04 Oct 2026 03:09 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी पीटीआई, कोयंबटूर
पीटीआई, कोयंबटूर Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Sun, 04 Oct 2026 03:09 PM IST
सार

आंध्र प्रदेश पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस सेल ने नौसेना के 31 वर्षीय नाविक प्रदीप मुखर्जी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी महिला इंटेलिजेंस एजेंट के हनी ट्रैप में फंसकर नौसेना के अहम एसेट्स, बेड़े की गतिविधियों और विशाखापत्तनम बेस से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा कर रहा था।

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Online friendship Pakistani agent proves costly: Navy sailor falls victim honey leaks maritime intelligence.
गिरफ्तार (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार
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पाकिस्तानी एजेंट को समुद्री खुफिया जानकारी (मैरीटाइम इंटेलिजेंस) भेजने के आरोप में भारतीय नौसेना के एक नाविक को गिरफ्तार किया गया है। यह जानकारी अधिकारियों ने रविवार को दी।
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हनी-ट्रैप का किया गया इस्तेमाल
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, इस जासूसी मामले में सोशल मीडिया के जरिए 'हनी-ट्रैप' का इस्तेमाल किया गया था। आंध्र प्रदेश पुलिस के काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) सेल ने 3 अक्तूबर को कोयंबटूर में नौसेना के लीडरशिप ट्रेनिंग सेंटर, आईएनएस अग्रानी से 31 वर्षीय प्रदीप मुखर्जी को गिरफ्तार किया।
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कौन है आरोपी? 
पश्चिम बंगाल के रहने वाले मुखर्जी 2014 में नौसेना में शामिल हुए थे और विशाखापत्तनम में ईस्टर्न नेवल कमांड में तैनात थे।गिरफ्तारी के समय, वह एक मैनेजमेंट डेवलपमेंट कोर्स कर रहे थे और लगभग एक हफ्ते से कोयंबटूर सेंटर में थे।
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महिला इंटेलिजेंस एजेंट के संपर्क में था
खबरों के मुताबिक, पाकिस्तान की एक महिला इंटेलिजेंस एजेंट ने कुछ महीने पहले मुखर्जी से संपर्क किया था। समय के साथ, उस एजेंट ने इस ऑनलाइन रिश्ते का फ़ायदा उठाकर नौसेना के अहम एसेट्स, बेड़े की गतिविधियों और विशाखापत्तनम बेस के कामकाज से जुड़ी संवेदनशील जानकारी हासिल कर ली।


सीआई सेल उसने नाविक से जुड़े संदिग्ध डिजिटल फुटप्रिंट्स का पता चलने के बाद जांच शुरू की और फिर उसे निगरानी में रखा। बता दें कि सीआई सेन सीमा पार से होने वाली जासूसी और आतंकी खतरों से निपटने के लिए बनी एक खास यूनिट है।
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