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काले धन का घोषणा करने वाले एक तिहाई लोगों ने कभी नहीं भरे थे आयकर रिटर्न 

Thu, 06 Oct 2016 04:06 AM IST
शिशिर चौरसिया/ नई दिल्ली
शिशिर चौरसिया/ नई दिल्ली Updated Thu, 06 Oct 2016 04:06 AM IST
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One-third of people who declare black money had never filled Income Tax Returns
ब्लैक मनी
घरेलू काला धन को उजागर करने के लिए इस वर्ष एक जून से शुरू की गई आय घोषणा योजना (आईडीएस) 2016 में एक तिहाई से भी ज्यादा घोषणा नॉन-फाइलर्स ने की है। आयकर विभाग वैसे लोगों को नॉन-फाइलर्स कहता है, जिन्होंने अभी तक एक बार भी आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया है। यही नहीं, इस योजना के तहत शुरूआत में तो बहुत कम लोगों ने इसका लाभ उठाया, लेकिन अंतिम चार दिनों में तो जैसे घोषणा करने वालों का मेला लग गया।
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एक तिहाई नॉन फाइलर्स
आयकर विभाग से जुड़े लोगों का कहना है कि आय घोषणा योजना में काफी संख्या में नॉन-फाइलर्स ने भी घोषणा की है। ऐसे लोग दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े महानगरों के तो हैं ही, पश्चिमी उत्तर प्रदेश या हरियाणा-पंजाब के ठेठ गांव के भी रहने वाले हैं। वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि अभी घोषणा के दौरान जमा कराए गए ऑनलाइन और ऑफलाइन कागजात की कंपायलिंग चल रही है। हालांकि आयकर विभाग के सूत्र बताते है कि करीब एक तिहाई घोषणा करने वालों ने इससे पहले कभी आयकर रिटर्न का फार्म नहीं भरा। 
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बहुत से लोगों का पैन कार्ड भी नहीं
 सूत्रों के मुताबिक इस योजना का लाभ वैसे लोगों ने भी उठाया है, जिनके पास पैन कार्ड तक नहीं है। इस बारे में केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने सितंबर के दूसरे पखवाड़े में स्पष्ट किया था कि जिन्होंने अभी तक पैन कार्ड नहीं बनवाया है, वे भी इसमें घोषणा कर सकते हैं। आयकर अधिकारियों को कहा गया था कि ऐसे घोषणा करने वालों से आईडीएस के फार्म के साथ-साथ पैन कार्ड बनवाने का भी फार्म ले लिया जाए। ताकि इनका पैन नंबर भी साथ ही साथ जारी हो जाए। 
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अंतिम चार दिनों में उमड़ी भीड़
आय कर विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यूं तो आय घोषणा योजना की खिड़की एक जून 2016 से ही खुल चुकी थी लेकिन योजना के अंतिम चार दिनों में घोषणा करने वालों का मेला लग गया था। इसलिए सीबीडीटी ने 27 सितंबर से 30 सितंबर तक आयकर विभाग के संबंधित दफ्तरों को रात के बारह बजे तक खोलने की व्यवस्था की। आय घोषणा योजना के सिलसिले में वित्त मंत्रालय से संपर्क में रहने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट और भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट संस्थान के अध्यक्ष एम. देवराज रेड्डी ने बताया कि अंतिम चार दिनों में देश भर में चार्टर्ड अकाउंटेंट आईडीएस के फार्म दाखिल करने में व्यस्त रहे। उनका कहना है कि सीए द्वारा अपने क्लाइंटों को समझाने का ही प्रतिफल है कि योजना में इतने लोगों ने भागीदारी की और 71,000 करोड़ रुपये से भी अधिक रकम का खुलासा किया। 
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