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6 साल में इस भूतिया अध्यापक के नाम जारी की गई 25 लाख की सैलरी, 2 गिरफ्तार

Thu, 18 Oct 2018 02:59 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद Updated Thu, 18 Oct 2018 02:59 PM IST
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on name of ghost teacher Al-Mubin Education Society president and others were withdrawing salary
सांकेतिक तस्वीर

महाराष्ट्र पुलिस ने मंगलवार को अल-मुबिन शिक्षण संस्थान के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। जिनमें अध्यक्ष और अन्य सदस्य शामिल है। इन्हें धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इनपर आरोप है कि इन्होंने कैसर कालोनी स्थित अल-असगारी उर्दू हाईस्कूल में एक शिक्षक को नौकरी पर दिखाकर उसके नाम से 6 सालों तक तनख्वाह ली। जबकि असल में किसी शिक्षक का अस्तित्व ही नहीं था। यह संस्थान एक सोसाइटी द्वारा संचालित किया जाता है। 

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संस्था के चार अन्य सदस्यों पर भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि उसने अध्यक्ष असगारी बेगम और सदस्य शेख शोएब सहित चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। इन्होंने जाली दस्तावेजों के जरिए शिक्षा विभाग से मंजूरी लेकर एक महिला अध्यापक की नियुक्ति दिखाई थी। इन्होंने कथित तौर पर उसके नाम से 6 सालों तक 25 लाख रुपये की तनख्वाह निकाली। यह विद्यालय पूरी तरह से सरकार की मदद से चलता है। इस मामले की सूचना काजी मोहम्मद मोजुद्दीन ने दी। उन्होंने इससे जुड़े सभी जरूरी दस्तावेजों को इकट्ठा किया और पुलिस में शिकायत की।
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शिकायत के अनुसार, 'अध्यापिका अर्शिया बेगम इंटरव्यू के लिए विद्यालय आईं और उन्होंने सभी जरूरी दस्तावेजों की फोटोकॉपी को जमा करवाया। जिसमें उनके एसएसी, एचएससी, ग्रेजुएशन और बीएड के सर्टिफिकेट शामिल हैं। जब उन्हें इस नौकरी से संबंधिक कोई सूचना नहीं मिली तो उन्होंने मान लिया कि उनका चयन नहीं हुआ है। इसके बाद उन्होंने सिलोड बेस्ड मौलाना मोहम्मद अली जोहर डीईडी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर नौकरी करनी शुरू कर दी। उन्होंने 2013 में अपनी नौकरी बदल ली।'
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जिनसी पुलिस थाने के थानेदार श्यामसुंदर वासुरकर ने कहा, 'शिक्षण संस्थान के सदस्यों ने बेगम द्वारा 2005 में जमा करवाए गए दस्तावेजों में उनकी तस्वीर के बजाए किसी अज्ञात महिला की तस्वीर चिपका दी। उनके इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर शिक्षा विभाग से नियुक्ति के लिए स्वीकार्यता भी मिल गई। वह 6 सालों तक अर्शिया के नाम पर वेतन लेते रहे।' पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 468, 471, 409 र 120-बी के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

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