{"_id":"6037d4838ebc3ee8ec7953fb","slug":"on-february-26-three-months-of-kisan-agitation-siege-of-ministry-of-agriculture","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसान आंदोलन के तीन माह पूरे, किसान कांग्रेस करेगी कृषि मंत्रालय का घेराव","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
किसान आंदोलन के तीन माह पूरे, किसान कांग्रेस करेगी कृषि मंत्रालय का घेराव
Fri, 26 Feb 2021 01:37 AM IST
सुरेंद्र जोशी
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Fri, 26 Feb 2021 01:37 AM IST
सार
- किसान आंदोलन को तीन माह पूरे होने पर 26 पफरवरी को किसान बजाएंगे थालियां
- किसान कांग्रेस ने किया कृषि मंत्रालय के घेराव का आह्वान
विज्ञापन
kisan andolan, file photo
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन के तीन माह पूरे होने पर 26 फरवरी यानी आज किसान कांग्रेस केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेगी। इस मौके पर किसान कांग्रेस कृषि मंत्रालय का घेराव करेगी। इस दौरान थाली बजाकर कृषि कानून के खिलाफ विरोध प्रकट किया जाएगा।
विज्ञापन
किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेन्द्र सोलंकी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कृषि मंत्रालय का घेराव कर किसानों के अधिकारों की मांग की जाएगी। जब से किसान दिल्ली बॉर्डर को धरना स्थल बनाए हैं, तब से किसान कांग्रेस किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्हें हर तरीके से समर्थन किया जा रहा है। पिछले 91 दिनों में एक भी दिन नहीं गया, जब किसान कांग्रेस किसानों के साथ किसानों के बीच मौजूद ना रही हो
विज्ञापन
सोलंकी ने दावा किया कि अभी तक 215 से ज्यादा किसानों की मृत्यु हो चुकी है। उनके लिए मोदी सरकार से एक-एक करोड़ रूपये मुआवजे की मांग की गई है, लेकिन सरकार अनसुनी किए हुए है। आंदोलन का समर्थन ना केवल देश के सभी हिस्सों में है, बल्कि विदेशों मे रहने वाले भारतीयों द्वारा भी किया जा रहा है, युवा भी किसानों की समस्याओं को समझ रहे हैं।
विज्ञापन
किसान कांग्रेस किसानों के अधिकारों और मांगों की लड़ाई जारी रखेगी। जब तक मोदी सरकार इन तीन कानूनों को वापस नहीं लेती तब तक ना किसान पीछे हटेंगे और ना किसान कांग्रेस पीछे हटेगी।
बता दें, कृषि कानूनों के खिलाफ बीते करीब तीन माह से किसान आंदोलन जारी है। सरकार के साथ किसान संगठनों की 12 बार बातचीत हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। सुप्रीम कोर्ट ने इन कानूनों के अमल पर रोक लगा रखी है। शीर्ष कोर्ट द्वारा गठित कमेटी भी किसानों से चर्चा कर चुकी है। इस बीच कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने एक बार पुन: किसान संगठनों से बातचीत की पेशकश की है।