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Omicron: चौथी लहर की आशंका के चलते आगे बढ़ सकता है कोविड प्रोटोकॉल, ओमिक्रॉन के बीए.2 वैरिएंट ने पकड़ी रफ्तार
Wed, 02 Mar 2022 11:37 AM IST
Atul Sinha
डिजिटल ब्यूरो,अमर उजाला,नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो,अमर उजाला,नई दिल्ली
Published by: Atul Sinha
Updated Wed, 02 Mar 2022 11:37 AM IST
सार
देश में ओमिक्रॉन का सब वैरिएंट बीए.2 वायरस अभी लोगों के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है। ताजा अध्ययनों में भी सामने आया है कि फिलहाल कोविड प्रोटोकॉल का पालन जारी नहीं रखा तो यह खतरनाक हो सकता है।
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कोरोना
- फोटो : Pixabay
विस्तार
कोरोना संक्रमण की रफ्तार देश में जरूर थम गई है लेकिन ओमिक्रॉन का सब वैरिएंट बीए.2 वायरस अभी लोगों के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है। ताजा अध्ययनों में भी सामने आया है कि फिलहाल कोविड प्रोटोकॉल का पालन जारी नहीं रखा तो इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ सकता है। क्योंकि यह वायरस ओमिक्रॉन से कहीं ज्यादा खतरनाक है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए ओमिक्रॉन बीए.2 कोरोना वायरस की चौथी लहर का कारण बन सकता है। क्योंकि अभी पूरी दुनिया में ओमिक्रॉन और पहले के सभी वैरिएंट्स के मामले कम हो गए हैं। लेकिन भारत सहित कुछ देशों में ओमिक्रॉन बीए.2 ने रफ्तार पकड़ ली है और इसके मामलों में तेजी से बढ़ोत्तरी देखी जा रही है।
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि अभी दुनियाभर की चिंता का विषय ओमिक्रॉन बीए.2 बना हुआ है क्योंकि यह दुनिया के करीब 50 देशों के लोगों को अपने संक्रमण की चपेट में ले चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन भी कह चुका है कि बीए.2 इस वक्त दुनिया के हर 5 में से 1 व्यक्ति को संक्रमित कर रहा है। यानी लगभग 20% आबादी तक यह अपनी पहुंच बना चुका है। हाल ही में ब्रिटेन और डेनमार्क में हुए अध्ययन बताते हैं कि यह बीए.1 की तुलना में 30 प्रतिशत अधिक संक्रामक है। यानी यह अधिक तेजी से फैल रहा है। इसलिए इस पर नजर रखने की जरूरत बताई जा रही है। लेकिन अभी देश में इसके मामले कम ही देखने को मिल रहे हैं। लोगों के अस्पताल में भर्ती होने या इससे होने वाली मौतों की दर में कमी देखने को मिल रही है। इसलिए फिलहाल चिंता की बात नहीं लग रही है।
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चौथी लहर हो सकती है ज्यादा खतरनाक
बीए.2 वैरिएंट के बीच शोधकर्ताओं ने भविष्यवाणी की है कि देश जल्द ही कोविड-19 की चौथी लहर की चपेट में आ सकता है। आईआईटी कानपुर के ताजा शोध में सामने आया है कि भारत में कोरोना की चौथी लहर 22 जून के आसपास शुरू हो सकती है और 24 अक्टूबर तक जारी रह सकती है। शोध में कहा गया है कि अगर कोविड-19 की चौथी लहर उभरती है तो यह कम से कम चार महीने तक चल सकती है। 15 अगस्त से 31 अगस्त तक यह चरम पर पहुंच सकती है और उसके बाद इसका प्रकोप घटेगा। यह तीसरी बार है जब आईआईटी कानपुर के शोधकर्ताओं ने देश में कोविड-19 लहर की भविष्यवाणी की है और तीसरी लहर के बारे में उनकी भविष्यवाणी केवल कुछ दिनों के आधार पर थी। चौथी लहर कितनी घातक होगी, इस बारे में उन्होंने कहा है कि इसकी गंभीरता कोरोना के वैरिएंट और टीकाकरण पर निर्भर करेगी।
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इम्यूनिटी को चकमा देता है बीए 2 वायरस
ओमिक्रॉन को बीए.1 वायरस के नाम से भी जाना जाता है। वहीं, उसके ही अगले स्वरूप को बीए.2 कहा गया है। फिलहाल बीए.2 वायरस की उत्पत्ति को लेकर दो मत है। कहा जाता है कि यह वायरस पहली बार ऑस्ट्रेलिया में सामने आया। जबकि दूसरे में कहा जाता है कि इसकी पहचान सबसे पहले भारत में हुई। जबकि बीए.1 यानी ओमिक्रॉन के बारे में समान रूप से सभी मानते हैं कि वह पहली बार दक्षिण अफ्रीका में सामने आया है। यह वैरिएंट ज्यादा संक्रामक इसलिए बताया जा रहा है क्योंकि यह इम्यूनिटी को चकमा दे सकता है। जिन लोगों को वैक्सीन लग गई है यह वायरस उन्हें भी संक्रमित कर रहा है। कई शोध में ये भी आशंका जताई गई है कि बहुत जल्द यह 'सुपर स्प्रेडर' वैरिएंट बन सकता है।