फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   'Om' mark and name published on footwear after ruckus company rectified mistake in America and Canada

विरोध: जूते-चप्पल पर छापा 'ओम' निशान व नाम, बवाल मचने पर अमेरिका व कनाडा में कंपनी ने सुधारी भूल 

Thu, 08 Jul 2021 06:31 PM IST
सुरेंद्र जोशी जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली 
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली  Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Thu, 08 Jul 2021 06:31 PM IST
सार

अमेरिकी कंपनी की इस हरकत का इंटरनेशनल हिंदू फाउंडेशन ने कड़ा विरोध किया। आखिरकार कंपनी ने गलती मानी और बाजार से ऐसे जूते-चप्पलों को वापस बुलवा लिया। 
 

विज्ञापन
'Om' mark and name published on footwear after ruckus company rectified mistake in America and Canada
e-commerce

विस्तार

अमेरिका की एक कंपनी द्वारा बनाए गए जूते-चप्पलों पर 'ओम' का निशान और नाम छपने से भारतीयों की भावनाओं को गहरी ठेस लगी है। कनाडा में तो इस पर बवाल मच गया। भारतीयों के संगठन 'इंटरनेशनल हिंदू फाउंडेशन' ने दूसरे कई समुदायों को साथ लेकर विरोध प्रकट किया। 'इंटरनेशनल हिंदू फाउंडेशन' के दबाव के चलते अमेरिकी कंपनी ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। कंपनी की तरफ से कहा गया कि वह अमेरिका और कनाडा में ऐसे जितने भी उत्पाद हैं, जिन पर 'ओम' नाम व चिन्ह छपा है, उन्हें बाजार से हटा रही है। ऑनलाइन स्टोर के जरिए भी ऐसे आइटम नहीं बिकेंगे। कंपनी ने अपने सभी स्टोर से कहा है कि इस तरह के सभी उत्पादों को बिक्री लाइन से हटा दिया जाए। 

विज्ञापन


कनाडा में 'इंटरनेशनल हिंदू फाउंडेशन' के पदाधिकारी गोपाल सैनी ने मोबाइल फोन पर हुई बातचीत में कहा, परिधान तैयार करने वाली अमेरिकी कंपनी वूनैज (काल्पनिक नाम), के स्टोर कनाडा में भी खुले हुए हैं। साथ ही कंपनी के पास बड़ा ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफार्म भी है। पांच छह दिन पहले कंपनी से चप्पल और जूते खरीदे थे। जैसे ही उन्होंने पैकिंग कवर हटाया तो वे हैरान रह गए। चप्पलों पर भारतीयों की आस्था का प्रतीक 'ओम' नाम लिखा हुआ था। इतना ही नहीं, 'ओम' का चिन्ह भी छपा था। कनाडा में पंजाब और हरियाणा के लोगों की अच्छी खासी तादाद है। सोशल मीडिया के जरिए इस मुद्दे को आगे पहुंचाया गया। 
विज्ञापन


मूल रूप से रोहतक 'हरियाणा' के निवासी गोपाल सैनी के मुताबिक, सिख समुदाय, जैन और दूसरे समुदायों के ऐसे लोग जो सर्वधर्म में विश्वास रखते हैं, वे साथ आ गए। सभी का एक स्वर में कहना था कि अमेरिकी कंपनी ने भारतीयों, खासतौर पर हिंदू धर्म को मानने वाले लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


फाउंडेशन के दूसरे पदाधिकारी राजेश चुघ, बिनय और अरविंद का कहना था कि कनाडा में सभी धर्मों के लोग प्यार प्रेम एवं भाईचारे की भावना के साथ रहते हैं। कंपनी की एक छोटी गलती बड़ा बवाल मचवा सकती थी। समय रहते इस घटना को लेकर कंपनी से सख्त लहजे में बातचीत की गई। मामला शांतिपूर्वक तरीके से निपट गया।  

कंपनी को नोटिस भेजा
सैनी ने बताया कि कंपनी को लिखित नोटिस दे दिया गया। शुरु में तो कंपनी ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन जब 'इंटरनेशनल हिंदू फाउंडेशन' के बैनर तले मामले को उठाया गया तो कंपनी दबाव में आ गई। अमेरिका में भी अनेक लोगों तक यह खबर पहुंच चुकी थी। इस बाबत विरोध प्रदर्शन भी किया गया। 


स्टोर मैनेजर ने यह कहा
स्टोर के मैनेजर ने ईमेल के जरिए सूचित किया है कि 'ओम' नाम वाले सभी जूते चप्पल की सप्लाई वापस ले ली गई है। अब किसी भी स्टोर पर और ऑनलाइन माध्यम से की जाने वाली खरीद के दौरान यह उत्पाद नहीं मिलेगा। बाकायदा अमेरिका और कनाडा के सभी स्टोर को ऐसे आइटम बिना किसी देरी के 'सेल' से बाहर करने के निर्देश जारी किए गए हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed