फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Officials says Need women forces to handle Manipur vigilante group Meira Paibi

Manipur: मणिपुर में ‘मीरा पैबिस’ से निपटने के लिए महिला बलों की जरूरत, अधिकारियों ने की मांग

Fri, 21 Jul 2023 06:47 PM IST
देव कश्यप पीटीआई, इंफाल (मणिपुर)।
पीटीआई, इंफाल (मणिपुर)। Published by: देव कश्यप Updated Fri, 21 Jul 2023 06:47 PM IST
सार

राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के काम में जुटे अधिकारी लगातार राज्य में अर्धसैनिक बलों की महिला कर्मियों की तैनाती पर जोर देते रहे हैं और खास तौर से वे दंगा रोधी उपकरणों से लैस त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ) की महिला कर्मियों की तैनाती का अनुरोध कर रहे हैं।

विज्ञापन
Officials says Need women forces to handle Manipur vigilante group Meira Paibi
Meira Paibis - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मणिपुर में खुद को 'मीरा पैबिस' (महिला मशाल वाहक) बताने वाली महिलाओं से निपटने के लिए अधिक महिला बटालियन की आवश्यकता है। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि मणिपुर में महिलाओं की रक्षा करने का दावा करने वाले महिला समूह ‘मीरा पैबिस’ से उत्पन्न खतरे से निपटने के लिए और ज्यादा महिला बटालियनों की आवश्यकता है क्योंकि यह समूह संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में न सिर्फ केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के आवागमन को बाधित कर रहा है, बल्कि गंभीर अपराधों को अंजाम देने में मदद भी कर रहा है। असम राइफल्स में महिला कर्मियों की संख्या बहुत कम है और अधिकारियों का मानना है कि वे कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं से निपटने के लिए प्रशिक्षित नहीं हैं।

विज्ञापन


राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के काम में जुटे अधिकारी लगातार राज्य में अर्धसैनिक बलों की महिला कर्मियों की तैनाती पर जोर देते रहे हैं और खास तौर से वे दंगा रोधी उपकरणों से लैस त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ) की महिला कर्मियों की तैनाती का अनुरोध कर रहे हैं।

विज्ञापन


पहचान जाहिर नहीं करने की शर्त पर एक अधिकारी ने कहा, आप देख सकते हैं कि खुद को 'मीरा' पैबिस बताने वाली ये महिलाएं अक्सर दबाव डालने पर खुद को निर्वस्त्र करने की धमकी देती हैं। जब सेना की टुकड़ियां पर्वतीय क्षेत्रों में दूसरे गंतव्य की ओर बढ़ती हैं, तो ये महिलाएं डंडे लेकर रास्ता रोकने के लिए खड़ी हो जाती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिकारियों ने बताया कि ऐसा कई बार हुआ है जब किसी हमले को रोकने या मणिपुर में दो समुदायों के बीच सशस्त्र संघर्ष में हस्तक्षेप के लिए जा रही सेना या असम राइफल्स की सहायता टुकड़ी को इन तथाकथित सुरक्षा ठेकेदारों ने रोक दिया और ये सभी से... फिर चाहे वे जवान हों या अधिकारी, पहचान पत्र दिखाने को कहती हैं। लगभग 20 या इससे अधिक महिलाओं के समूह को लाठी-डंडे लेकर इंफाल रोड के प्रमुख स्थानों पर खड़े होकर सबकी जांच करते हुए देख सकते हैं, ताकि पर्वतीय क्षेत्रों में फंसे जनजातीय लोगों तक कोई मदद न पहुंच सके। यहां तक कि मणिपुर की स्थिति को कवर करने आए पत्रकारों को भी मीरा पैबिस की सदस्यों ने नहीं बख्शा।

अधिकारियों ने बताया कि कई अवसरों पर ऐसा भी होता है जब मीरा पैबिस की सदस्य ड्यूटी पर तैनात सैनिकों से बहस करती हैं और मणिपुर पुलिस पूरे समय मूकदर्शक बनी रहती है। फिलहाल सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) की तीन महिला कंपनी, महिला प्लाटून के साथ आरएएफ की 10 कंपनियां वहां तैनात हैं और इनमें महिला कर्मियों की कुल संख्या महज 375 है। सीआरपीएफ की एक कंपनी में 75 कर्मी होते हैं जबकि आरएएफ महिला प्लाटून में 15 कर्मी होते हैं। अर्धसैनिक बलों की इन महिला कर्मियों की संख्या मीरा पैबिस की सैकड़ों महिलाओं से निपटने के लिहाज से बहुत कम है।

हाल ही में खुद को मीरा पैबिस बताने वाली पांच महिलाओं को इंफाल के बाहरी हिस्से में नगा मारिंग की एक महिला की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि ये तथाकथित महिला सुरक्षा समूह प्रतिबंधित आतंकवादी समूह केवाईकेएल के 12 कैडर की जून में हुई रिहाई के अभियान में भी सक्रिय रहीं। इन 12 कैडर में 2015 में 18 सैनिकों की हत्या करने का मुख्य आरोपी भी शामिल था।


‘एशियन रिव्यू ऑफ सोशल साइंसेज’ पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन ‘ए ब्रीफ रिव्यू ऑफ मीरा पैबिस : ए वूमेंस मूवमेंट इन मणिपुर’ के अनुसार, समुदाय को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करने वाली मुश्किल घड़ी में मणिपुर की हर महिला मीरा पैबिस बन जाती है। भारत की आजादी से पहले और बाद में विभिन्न महिला संगठनों ने समाज से अन्याय को खत्म करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और मीरा पैबिस भी उन्हीं में से एक समूह है। यह मणिपुर में निवास करने वाले सबसे ज्यादा आबादी वाले समुदाय से ताल्लुक रखता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed