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Odisha: रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच गांववाले बने देवदूत, ट्रॉली-ट्रैक्टर की मदद से घायलों को पहुंचाया अस्पताल
Sat, 03 Jun 2023 01:22 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Sat, 03 Jun 2023 01:22 PM IST
सार
बचावकर्मियों के अलावा दुर्घटनास्थल पर 200 एंबुलेंस, 50 बस और 45 हेल्थ यूनिट भी मौजूद है। शवों को ट्रैक्टर समेत अलग-अलग वाहनों से अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। हादसे का निरीक्षण करने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैश्नव भी दुर्घटनास्थल पर पहुंचे।
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Odisha Train Accident
- फोटो : Social Media
विस्तार
ओडिशा के बालासोर में जिले में शुक्रवार को हुए ट्रेन दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 288 हो चुकी है। वहीं करीब 850 घायल लोगों को कटक, भुवनेश्वर और बालासोर के अस्पतालों में भेजा गया है।
इस हादसे में कोरोमंडल और बेंगलुरु-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन के पटरी से उतरी और कोरोमंडल एक्सप्रेस एक मालगाड़ी से टकरा गई। हादसे की खबर पाकर बचाव दल रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए दुर्घटनास्थल पर भागे। रात भर उन्होंने बोगी में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश करते रहे। इसी बीच सेना भी रेस्क्यू दलों का बचाव कार्य में मदद मदद कर रही है।
ट्रेन के डिब्बों के भीतर जूते-चप्पल, खाने पीने का सामान, पानी की बोतलें बिखरे हुए हैं। हादसे में मरने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है शुक्रवार की शाम को हुए इस हादसे के बाद रेस्क्यू टीम के अलावा आस पास के गांववाले भी बचावकार्य के लिए सामने आए। घटनास्थल पर पहुंचे ग्रामीणों ने ट्रेन के डिब्बों में फंसे लोगों को निकालकर उन्हें ट्रॉली से अस्पताल पहुंचाया। वे मामूली घायलों को पानी पिलाकर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भी पहुंचा रहे हैं।
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बचावकर्मियों के अलावा दुर्घटनास्थल पर 200 एंबुलेंस, 50 बस और 45 हेल्थ यूनिट भी मौजूद है। शवों को ट्रैक्टर समेत अलग-अलग वाहनों से अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। हादसे का निरीक्षण करने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैश्नव दुर्घटनास्थल पर पहुंचे। हादसे में मारे गए लोगों को रेल मंत्रालय की तरफ से 10 लाख रुपये और पीएमओ की तरफ से दो लाख रुपये देने की घोषणा की गई है। वहीं घायलों को इलाज के लिए पचास हजार रुपये दिए जाएंगे।
बालासोर में हुए यह ट्रेन हादसा भारत में हुए अबतक ट्रेन दुर्घटनाओं में चौथा सबसे घातक हादसा है। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि कोलकाता से चेन्नई जाने वाली कोरोमंडल एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी। इसी बीच यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस (दुरंतो) वहां आ गई और कोरोमंडल से टकराकर पलट गई। इस टक्कर के बाद कोरोमंडल एक्सप्रेस की मालगाड़ी से टक्कर हो गई, जिसमें ट्रेन का इंजन बोगी के ऊपर चढ़ गया।
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इस हादसे में कोरोमंडल और बेंगलुरु-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन के पटरी से उतरी और कोरोमंडल एक्सप्रेस एक मालगाड़ी से टकरा गई। हादसे की खबर पाकर बचाव दल रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए दुर्घटनास्थल पर भागे। रात भर उन्होंने बोगी में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश करते रहे। इसी बीच सेना भी रेस्क्यू दलों का बचाव कार्य में मदद मदद कर रही है।
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ट्रेन के डिब्बों के भीतर जूते-चप्पल, खाने पीने का सामान, पानी की बोतलें बिखरे हुए हैं। हादसे में मरने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है शुक्रवार की शाम को हुए इस हादसे के बाद रेस्क्यू टीम के अलावा आस पास के गांववाले भी बचावकार्य के लिए सामने आए। घटनास्थल पर पहुंचे ग्रामीणों ने ट्रेन के डिब्बों में फंसे लोगों को निकालकर उन्हें ट्रॉली से अस्पताल पहुंचाया। वे मामूली घायलों को पानी पिलाकर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भी पहुंचा रहे हैं।
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बचावकर्मियों के अलावा दुर्घटनास्थल पर 200 एंबुलेंस, 50 बस और 45 हेल्थ यूनिट भी मौजूद है। शवों को ट्रैक्टर समेत अलग-अलग वाहनों से अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। हादसे का निरीक्षण करने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैश्नव दुर्घटनास्थल पर पहुंचे। हादसे में मारे गए लोगों को रेल मंत्रालय की तरफ से 10 लाख रुपये और पीएमओ की तरफ से दो लाख रुपये देने की घोषणा की गई है। वहीं घायलों को इलाज के लिए पचास हजार रुपये दिए जाएंगे।
बालासोर में हुए यह ट्रेन हादसा भारत में हुए अबतक ट्रेन दुर्घटनाओं में चौथा सबसे घातक हादसा है। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि कोलकाता से चेन्नई जाने वाली कोरोमंडल एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी। इसी बीच यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस (दुरंतो) वहां आ गई और कोरोमंडल से टकराकर पलट गई। इस टक्कर के बाद कोरोमंडल एक्सप्रेस की मालगाड़ी से टक्कर हो गई, जिसमें ट्रेन का इंजन बोगी के ऊपर चढ़ गया।