ओडिशा सरकार ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम में जोड़ा 'माननीय', खत्म की यह पुरानी परंपरा
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ओडिशा की सरकार ने बुधवार को एक पुरानी परंपरा खत्म करने का फैसला लिया है। इसके तहत मुख्यमंत्री, अन्य मंत्रियों और संवैधानिक पदों पर विराजमान अधिकारियों को सलामी गारद नहीं जाएगी। इस पुरानी व्यवस्था को मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी आदेश के जरिए समाप्त कर दिया गया है। एक अन्य फैसले में पटनायक ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को सम्मान देने के लिए उनके नाम के आगे ‘माननीय’ लगाने का भी आदेश दिया।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि मुख्यमंत्री नवीन पटनायक वो पहले व्यक्ति थे जिन्होंने अपने वाहन से लाल बत्ती हटाई थी। उन्होंने ही सम्मान की प्रतीक रही लाल बत्ती की व्यवस्था समाप्त करने का आदेश दिया था।
हालांकि सीएमओ की विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि राज्य के दौरे पर आने वाले गणमान्य व्यक्तियों, राष्ट्राध्यक्षों, देश के राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, लोकायुक्त, भारत के प्रधान न्यायाधीश, उच्च न्यायालयों के न्यायधीश और अन्य न्यायाधीशों के सम्मान में सलामी गारद की परंपरा कायम रहेगी।
इसके साथ ही भविष्य में अब स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और उत्कल दिवस (ओडिशा दिवस) के मुख्य अतिथि को सलामी गारद दी जाएगी।
Odisha Government abolishes the practice of according 'Guard of Honour' to Chief Minister, Ministers & other govt officials, except on special occasions like Republic Day, Independence Day & Utkal Dibasa (Odisha Day). pic.twitter.com/hP8vgWpjWx
— ANI (@ANI) August 14, 2019