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डीआरडीओ जासूसी मामला: क्राइम ब्रांच को मिली पांचों आरोपियों की सात दिन की रिमांड

Sun, 19 Sep 2021 01:16 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, भुवनेश्वर/बालासोर।
एजेंसी, भुवनेश्वर/बालासोर। Published by: Jeet Kumar Updated Sun, 19 Sep 2021 01:16 AM IST
सार

डीआरडीओ के एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) की जासूसी में ओडिशा पुलिस ने 13 सितंबर को चार अनुबंधित कर्मचारियों को गिरफ्तार किया था। पांचवा आरोपी सचिन स्थायी कर्मचारी है। चालक के पद पर तैनात सचिन को 16 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था।

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Odisha crime branch gets seven day custody of five accused in DRDO espionage case
ओडिशा क्राइम ब्रांच - फोटो : ani

विस्तार

ओडिशा की एक अदालत ने शनिवार को डीआरडीओ जासूसी मामले में पकड़े गए पांचों आरोपियों को राज्य पुलिस की अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) की हिरासत में सात दिन के रिमांड पर भेज दिया है।

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वहीं इस मामले में कोलकाता से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की दो सदस्यीय टीम शुक्रवार को चांदीपुर पहुंची थी। टीम ने दो घंटे से अधिक समय तक आईटीआर के मुख्य सुरक्षा अधिकारी अनुराग सेन से पूछताछ की।
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कोर्ट ने आरोपियों की जमानत याचिकाओं को खारिज करने के बाद उन्हें क्राइम ब्रांच की हिरासत में भेज दिया। इन्हें कथित तौर पर पैसे के बदले रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी एक पाकिस्तानी जासूस को देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में हनी ट्रैप की भी संभावना जताई जा रही है। आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से एक महिला के संपर्क में थे और उससे आर्थिक मदद भी ले रहे थे। 
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क्राइम ब्रांच के सूत्रों ने बताया कि यूपी स्थित उनके आईएसआई हैंडलर का पैसा रक्षा प्रतिष्ठान के पास रहने वाले चार बांग्लादेशी शरणार्थियों के खातों में जमा किया गया था। क्राइम ब्रांच को संदेह है कि आईएसआई का हैंडलर और यूपी से काम कर रहा है।

वहीं पकड़ा गया आरोपी सचिन भी यूपी से है, ऐसे में हो सकता है दोनों में करीबी संबंध हो। यह भी आशंका है कि सचिन ने वरिष्ठ डीआरडीओ अधिकारियों की बातचीत को भी रिकॉर्ड कर सूचनाएं पाकिस्तानी एजेंट को भेजी हों। सूत्रों ने बताया कि रिमांड अवधि के दौरान आरोपियों से पूछताछ के बाद क्राइम ब्रांच की टीम यूपी भी जा सकती है। 

  
एनआईए नहीं कर रही मामले की जांच
क्राइम ब्रांच के एडीजी संजीव पंडा ने कहा, इस मामले में हम कई एंगल से जाच कर रहे हैं। अभियुक्तों से ज्यादा से ज्यादा जानकारी निकालने और जासूसी के संबंध में साक्ष्य इकट्ठा करने के लिए उन्हें रिमांड पर लिया गया है।  एक सवाल के जवाब में पंडा ने कहा, एनआईए मामले की जांच नहीं कर रही है, लेकिन जरूरत पड़ने पर हम उनकी मदद ले सकते हैं।

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