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Odisha: महिला सुरक्षा को लेकर ओडिशा सीएम सख्त, बोले- कड़ी कार्रवाई के लिए पुलिस को दिए पूरे अधिकार
Fri, 15 Aug 2025 01:07 PM IST
हिमांशु चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Fri, 15 Aug 2025 01:07 PM IST
सार
ओडिशा सीएम मोहन चरण माझी ने स्वतंत्रता दिवस पर घोषणा की कि महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए पुलिस को पूरे अधिकार दिए गए हैं। वहीं, सराकर संगठित अपराध को खत्म करने के लिए विशेष कानून लाने की तैयारी भी कर रही है।
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ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी
- फोटो : ANI
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विस्तार
भुवनेश्वर में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। सीएम ने साफ कहा कि उन्होंने पुलिस को “पूरे अधिकार” दिए हैं ताकि ऐसे मामलों में तुरंत और सख्त कार्रवाई की जा सके। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि संगठित अपराध खत्म करने के लिए उनकी सरकार विशेष कानून लाने से पीछे नहीं हटेगी।
माझी ने कहा कि महिलाओं पर अत्याचार करने वालों का समाज में कोई स्थान नहीं है और ऐसे लोगों की जगह सिर्फ जेल में है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में राज्य में महिलाओं से जुड़े कई अपराध सामने आए हैं, जिस पर विपक्ष ने कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। सीएम ने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार किसी भी कीमत पर महिलाओं की सुरक्षा से समझौता नहीं करेगी और पुलिस को पूर्ण स्वतंत्रता दी गई है कि वे ऐसे अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।
संगठित अपराध और गुंडाराज पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने नशे को अपराध बढ़ने की एक बड़ी वजह बताया और पुलिस को निर्देश दिए कि इस पर सख्ती से रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में गुंडाराज खत्म करने के लिए अपराधियों की पहचान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सीएम ने यह भी बताया कि वसूली जैसे अपराधों को संगठित अपराध माना जाएगा और इनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। संगठित अपराध खत्म करने के लिए विशेष कानून लाने की तैयारी चल रही है।
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ये भी पढ़ें- गूगल ने स्वतंत्रता दिवस पर दिखाया भारत की परंपरा का रंगीन संगम, दिखी उपलब्धियों की झलक
महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए योजनाएं
माझी ने बताया कि उनकी सरकार सिर्फ महिलाओं की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि उनके सशक्तिकरण पर भी फोकस कर रही है। ‘शक्तिश्री’ जैसी पहल कॉलेज और विश्वविद्यालयों में महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाने के लिए लागू की जा रही है। ‘सुभद्रा योजना’ के तहत 1 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को आर्थिक सहायता दी गई है, जिससे वे छोटे उद्यम शुरू कर सकी हैं। राज्य में अब तक 17 लाख ‘लखपति दीदी’ तैयार हो चुकी हैं।
ये भी पढ़ें- तमिलनाडु के सीएम स्टालिन ने राज्यपाल के समारोह का किया बहिष्कार, ‘राज्य विरोधी’ रवैये का लगाया आरोप
बजट और विकास का रोडमैप
महिला सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को 2025-26 के वार्षिक बजट में भी जगह मिली है, जिसमें महिलाओं से जुड़ी योजनाओं के लिए 89,861 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सीएम ने शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विकास के साथ वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण पर भी जोर दिया। ‘वाया वंदना’ योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को 936 करोड़ रुपये के चिकित्सा लाभ दिए गए हैं।
निवेश और युवाओं के लिए योजनाएं
माझी ने बताया कि सभी जिलों का औद्योगिकीकरण उनकी प्राथमिकता है। फार्मा सेक्टर में निवेश लाने के लिए जल्द एक विशेष सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। युवाओं के सशक्तिकरण के लिए भी नई योजनाएं तैयार की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ओडिया अस्मिता को संजोने और बढ़ावा देने के लिए निरंतर काम करेगी।
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माझी ने कहा कि महिलाओं पर अत्याचार करने वालों का समाज में कोई स्थान नहीं है और ऐसे लोगों की जगह सिर्फ जेल में है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में राज्य में महिलाओं से जुड़े कई अपराध सामने आए हैं, जिस पर विपक्ष ने कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। सीएम ने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार किसी भी कीमत पर महिलाओं की सुरक्षा से समझौता नहीं करेगी और पुलिस को पूर्ण स्वतंत्रता दी गई है कि वे ऐसे अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।
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संगठित अपराध और गुंडाराज पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने नशे को अपराध बढ़ने की एक बड़ी वजह बताया और पुलिस को निर्देश दिए कि इस पर सख्ती से रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में गुंडाराज खत्म करने के लिए अपराधियों की पहचान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सीएम ने यह भी बताया कि वसूली जैसे अपराधों को संगठित अपराध माना जाएगा और इनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। संगठित अपराध खत्म करने के लिए विशेष कानून लाने की तैयारी चल रही है।
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महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए योजनाएं
माझी ने बताया कि उनकी सरकार सिर्फ महिलाओं की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि उनके सशक्तिकरण पर भी फोकस कर रही है। ‘शक्तिश्री’ जैसी पहल कॉलेज और विश्वविद्यालयों में महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाने के लिए लागू की जा रही है। ‘सुभद्रा योजना’ के तहत 1 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को आर्थिक सहायता दी गई है, जिससे वे छोटे उद्यम शुरू कर सकी हैं। राज्य में अब तक 17 लाख ‘लखपति दीदी’ तैयार हो चुकी हैं।
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बजट और विकास का रोडमैप
महिला सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को 2025-26 के वार्षिक बजट में भी जगह मिली है, जिसमें महिलाओं से जुड़ी योजनाओं के लिए 89,861 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सीएम ने शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विकास के साथ वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण पर भी जोर दिया। ‘वाया वंदना’ योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को 936 करोड़ रुपये के चिकित्सा लाभ दिए गए हैं।
निवेश और युवाओं के लिए योजनाएं
माझी ने बताया कि सभी जिलों का औद्योगिकीकरण उनकी प्राथमिकता है। फार्मा सेक्टर में निवेश लाने के लिए जल्द एक विशेष सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। युवाओं के सशक्तिकरण के लिए भी नई योजनाएं तैयार की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ओडिया अस्मिता को संजोने और बढ़ावा देने के लिए निरंतर काम करेगी।