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Odisha: रजनीकांत सिंह ने ओडिशा विधानसभा के उपाध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा, बताई यह बड़ी वजह
Wed, 08 Nov 2023 07:08 PM IST
अभिषेक दीक्षित
पीटीआई, भुवनेश्वर
पीटीआई, भुवनेश्वर
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Wed, 08 Nov 2023 07:08 PM IST
सार
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें पार्टी में कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी? अंगुल निर्वाचन क्षेत्र से चार बार के विधायक ने कहा कि यह बीजद अध्यक्ष को तय करना है।
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रजनीकांत सिंह
- फोटो : Social Media
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विस्तार
ओडिशा विधानसभा के उपाध्यक्ष रजनीकांत सिंह ने बुधवार को व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि, बीजद के वरिष्ठ नेता ने कहा कि वह चुनाव की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित करेंगे। दरअसल, राज्य में लोकसभा और विधानसभा चुनाव कुछ महीनों में होने वाले हैं। रजनीकांत सिंह ने अपना इस्तीफा स्पीकर प्रमिला मलिक को सौंप दिया है।
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उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि मैं राजनीतिक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करने की योजना बना रहा हूं, क्योंकि चुनाव नजदीक हैं। अब वह पार्टी को अधिक समय दे सकेंगे और लोगों तक पहुंच सकेंगे। रजनीकांत सिंह को जून 2019 में ओडिशा विधानसभा के उपाध्यक्ष के रूप में चुना गया था। उन्होंने पहले नवीन पटनायक सरकार में इस्पात और खान मंत्री के रूप में भी काम किया था।
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यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें पार्टी में कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी? अंगुल निर्वाचन क्षेत्र से चार बार के विधायक ने कहा कि यह बीजद अध्यक्ष को तय करना है। पूर्व मंत्री एपी सिंह के बेटे रजनीकांत सिंह की ढेंकनाल जिले और आसपास के इलाकों में खासी पकड़ है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के 2024 का चुनाव ढेंकनाल या संबलपुर लोकसभा सीट से लड़ने की अटकलों के बीच पार्टी के काम में उनकी सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
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इससे पहले इस साल मई में गंजाम जिले से तत्कालीन अध्यक्ष बीके अरुखा ने पद से इस्तीफा दे दिया था और उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। बता दें कि स्पीकर और डिप्टी स्पीकर के पद पर रहने वाले लोग सरकार या अपनी पार्टी के लिए काम नहीं कर सकते।