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ओडिशा में महानदी से बाहर निकला 500 वर्ष पुराना मंदिर, देखने के लिए जुटी भीड़
Sun, 14 Jun 2020 01:49 PM IST
अनवर अंसारी
पीटीआई, भुवनेश्वर
पीटीआई, भुवनेश्वर
Published by: अनवर अंसारी
Updated Sun, 14 Jun 2020 01:49 PM IST
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नदी में मिला 500 साल पुराना मंदिर
- फोटो : Twitter
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ओडिशा में बहने वाली महानदी में एक प्राचीन मंदिर डूबा हुआ पाया गया है। दरअसल, यह मंदिर तब खोजा गया जब विशेषज्ञों की टीम नदी घाटी में विरासत स्थलों के प्रलेखन परियोजना का काम कर रही थी। अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी है। इस मंदिर को देखने के लिए लोगों की भीड़ ने मौके पर पहुंचना शुरू कर दिया है।
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ओडिशा में इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (आईएनटीएसीएच) के परियोजना समन्वयक अनिल धीर ने कहा कि लगभग 500 साल पुराना माना जाने वाला 60 फीट का मंदिर हाल ही में परियोजना के हिस्से के रूप में एक अभ्यास के दौरान खोजा गया। उन्होंने रविवार को कहा कि मंदिर कटक में पद्मावती क्षेत्र में बाएदेश्वर के पास नदी में पाया गया।
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धीर ने मस्तका की निर्माण शैली और निर्माण के लिए उपयोग की जाने वाली सामग्रियों पर विचार करते हुए कहा कि यह मंदिर 15वीं शताब्दी के अंत या 16वीं शताब्दी की शुरुआत में बनाया गया था। उन्होंने आगे कहा कि आईएनटीएसीएच भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से मंदिर को स्थानांतरित करने और पुनर्स्थापित करने के लिए कदम उठाने को कहेगा।
उन्होंने कहा कि हम जल्द ही एएसआई को पत्र लिखकर अनुरोध करेंगे कि मंदिर को एक उपयुक्त स्थल पर स्थानांतरित करने के लिए कदम उठाए जाएं। उनके पास इसे करने के लिए आवश्यक तकनीक है। राज्य सरकार को भी एएसआई से बात करनी चाहिए।
आईएनटीएसीएच ने अभी तक महानदी नदी में अपने प्रलेखन परियोजना के दौरान 65 प्राचीन मंदिरों पर काम किया है। धीर ने कहा कि हीराकुंड जलाशय के कई मंदिरों को भी ध्वस्त और पुनर्निर्मित किया जा सकता है। आईएनटीएसीएच के परियोजना सहायक दीपक कुमार नायक ने कहा कि वह इसके अस्तित्व के बारे में जानते थे।