इंग्लैंड की एक नदी में मिले 60 रहस्यमयी क्यूब्स, उभरे हुए हैं संस्कृत में लिखे शिलालेख

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: अनवर अंसारी Updated Sat, 16 May 2020 12:24 PM IST
नदी में मिले रहस्यमयी क्यूब्स
नदी में मिले रहस्यमयी क्यूब्स - फोटो : Facebook
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इंग्लैंड के एक शहर में 60 रहस्यमयी क्यूब्स (घन) मिले हैं, जिनपर एक पवित्र संख्यात्मक शिलालेख उभरे हुए हैं। इंग्लैंड के कोवेंट्री शहर में एक मैग्नेट फिशिंग (नदियों में पड़ी चीजों को निकालने वाला) करने वाले व्यक्ति और उसके दो बेटों ने इसे शहर की एक नदी से निकाला है। 
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इन क्यूब्स को ढूंढ़ने वाले विल रीड को विश्वास है यह किसी रहस्यमय हिंदू प्रार्थना अनुष्ठान से जुड़े हुए हैं। इन क्यूब्स पर तस्वीरें उकेरी गई हैं और यह क्यूब्स इतने छोटे हैं कि इन्हें आसानी से उंगलियों और अंगूठों के बीच रखा जा सकता है। इसके अलावा इन पर संस्कृत में लिखे शिलालेख हैं, जो बेहद ही सफाई से ग्रिड किए हुए हैं। 


फिनहम के रहने वाले 38 वर्षीय विल ने पहले सोचा कि ये क्यूब्स दक्षिण कोवेंट्री की सोवे नदी में कूड़े के नीचे पड़े सामान्य टुकड़े थे। लेकिन जैसे ही वह और उनके दोनों बेटे, पांच वर्षीय जैक्सन और सात वर्षीय बेंजामिन ने पास जाकर देखा तो पता चला कि इन क्यूब्स पर कुछ शिलालेख उकरे हुए हैं। 

विल ने कहा कि हम लॉकडाउन में हमारे दैनिक गतिविधि के रूप में मैग्नेट फिशिंग करने के लिए बाहर निकले थे और हम अगल-अलग स्थानों पर गए। सबसे पहले हमे कुछ चाबियां और पैनी (सिक्के) मिली। इसके बाद जब हमने गौर से पानी में देखा तो हमें ये क्यूब्स मिले, जिन्हें पहले देखकर लग रहा था कि ये एक टाइल्स का टुकड़ा है। 

उन्होंने कहा कि मैं अपने दोस्तों के लिए फेसबुक पर लाइव स्ट्रीमिंग कर रहा था और फिर मैंने झुककर इन क्यूब्स को उठाना शुरू किया। मुझे यह भी लगा कि हो सकता है ये पत्थर के टुकडे हो। मैंने उसे कैमरे पर दिखाया और जैसे ही मैंने एक क्यूब को उठाया ये और अधिक मिलते ही चले गए। 

विल ने फेसबुक और सामग्री साझा करने वाली वेबसाइट रेडिट पर क्यूब्स की फोटो को पोस्ट किया और इस असामान्य चीज के बारे में पता लगाना चाहा। इस पर मिली प्रतिक्रियाओं के आधार पर, उन्हें विश्वास है कि यह चीज किसी हिंदू प्रार्थना अनुष्ठान से जुड़ी हुई है। 

विल ने कहा कि पहले इसको लेकर कुछ अधपकी कहानियां सामने आ रही थी, इन क्यूब्स ने लोगों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि इससे यह बात तो पता चल गई है कि वे मूल रूप से भारतीय हैं। साथ ही यह बात भी स्पष्ट हो गई है कि इनका इस्तेमाल प्रार्थनाओं में किया जाता था, और प्रार्थना तभी सफल होती थी, जब इन क्यूब्स को बहते पानी में फेंक दिया जाता था। 

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