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राशन की होम डिलीवरी: दिल्ली सरकार की योजना पर केंद्र सरकार को आपत्ति
Tue, 23 Nov 2021 06:01 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 23 Nov 2021 06:01 AM IST
सार
केंद्र ने कहा कि दिल्ली सरकार एनएफएस के तहत दिए जाने वाले लाभों के अलावा जनता को अन्य व अधिक लाभ प्रदान करने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के लाभों को कम नहीं कर सकती।
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राशन डिपो (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार की घर-घर राशन की होम डिलीवरी योजना पर आपत्ति जताई है। केंद्र ने हाईकोर्ट के समक्ष तर्क रखा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएस) को लागू करने में जनवितरण प्रणाली के तहत संचालित होने वाली दुकानें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
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न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ के समक्ष केंद्र की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने उचित मूल्य की दुकानों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के बनावट (ढांचे) का अभिन्न अंग बताया। उन्होंने पीठ को बताया कि राज्य सरकार खाद्य सुरक्षा कानून के ढांचे में किसी तरह का बदलाव या छेड़छाड़ नहीं कर सकती। केंद्र ने पीठ को बताया कि दिल्ली सरकार द्वारा लागू की जा रही राशन की होम डिलीवरी योजना में उचित मूल्य की दुकानों की भूमिका नहीं तय की गई है।
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केंद्र ने कहा कि दिल्ली सरकार एनएफएस के तहत दिए जाने वाले लाभों के अलावा जनता को अन्य व अधिक लाभ प्रदान करने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के लाभों को कम नहीं कर सकती। केंद्र ने सरकारी राशन डीलर्स संघ की ओर से दाखिल याचिका पर यह दलील दी है।
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