Maharashtra: महायुति सरकार का शपथ ग्रहण समारोह पांच दिसंबर को, सीएम पद की रेस में फडणवीस सबसे आगे
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के नतीजे आए हुए एक हफ्ता हो चुका है लेकिन सरकार गठन को लेकर कवायद नहीं हुई है। पिछले दिनों दिल्ली में महायुति नेताओं के साथ अमित शाह ने बैठक की थी। उधर, विपक्ष लगातार नई सरकार के गठन को लेकर सवाल उठा रहा था। इसे लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने शपथ ग्रहण समारोह की तारीख का एलान कर दिया।
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राज्यातील महायुती सरकारचा शपथविधी
विश्वगौरव माननीय पंतप्रधान श्री. @narendramodi जी यांच्या उपस्थितीत गुरुवार, दि. ५ डिसेंबर २०२४ रोजी संध्याकाळी ५ वाजता आझाद मैदान, मुंबई येथे संपन्न होणार आहे.विज्ञापन
राज्य में महायुती सरकार का शपथ ग्रहण समारोह
विश्वगौरव माननीय प्रधानमंत्री श्री… — Chandrashekhar Bawankule (@cbawankule) November 30, 2024
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के नतीजे आए हुए एक हफ्ता हो चुका है लेकिन सरकार गठन को लेकर कवायद नहीं हुई है। पिछले दिनों दिल्ली में अमित शाह ने महायुति नेताओं के साथ बैठक की थी। इसके बाद महाराष्ट्र में महायुति के नेताओं की बैठक होनी थी, लेकिन वह टल गई। उधर, विपक्ष लगातार नई सरकार के गठन को लेकर सवाल उठा रहा था। इसे लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने शपथ ग्रहण समारोह की तारीख का एलान कर दिया।
हालांकि, अभी तक यह घोषणा नहीं की गई है कि मुख्यमंत्री कौन होगा, लेकिन भाजपा सूत्रों ने बताया कि फडणवीस इस दौड़ में सबसे आगे हैं। कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाल रहे शिंदे इन अटकलों के बीच एक दिन पहले अपने पैतृक गांव चले गए कि नयी सरकार को आकार देने के तौर-तरीकों से वह खुश नहीं हैं। उनके एक सहयोगी ने बताया कि वह बीमार हैं। उन्होंने बताया कि शिंदे को तेज बुखार है।
कैसे रहे चुनाव के नतीजे
महाराष्ट्र में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला महायुति और महा विकास अघाड़ी गठबंधनों के बीच था। जिसमें महायुति ने बाजी मारते हुए 288 विधानसभा सीटों में से 230 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं इसके उलट महा विकास अघाड़ी को 288 सीटों में से मात्र 46 सीटें ही जीत सकी। महाराष्ट्र में महायुति की ऐतिहासिक जीत के बाद सरकार बनाने की कवायद तेज हो गई।
नतीजे के अगले ही दिन यानी 24 नवंबर को एनसीपी के विधायक दल की बैठक हुई जिसमें अजित पवार को नेता चुना गया। पार्टी के नेता छगन भुजबल ने अजित पवार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग की। वहीं, शिवसेना विधायकों ने एकनाथ शिंदे को अपना नेता चुना। उधर 26 नवंबर को महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल खत्म होना था लिहाजा इसी दिन राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही शिवसेना प्रमुख कार्यवाहक मुख्यमंत्री की भूमिका में आ गए।