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Karnataka: घाव पर टांके लगाने के बजाय फेविक्विक लगाने पर नर्स निलंबित, मुख्य सचिव की बैठक में लिया गया फैसला
Wed, 05 Feb 2025 11:01 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 05 Feb 2025 11:01 PM IST
सार
Karnataka: कर्नाटक के सरकारी अस्पताल में बच्चे के घाव पर टांके के बजाय फेविक्विक लगाने पर एक नर्स को निलंबित कर दिया गया है। घटना के बाद नर्स को ट्रांसफर किया गया था, जिससे जनता में आक्रोश फैल गया था।
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(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : फ्रीपिक
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विस्तार
कर्नाटक के एक सरकारी अस्पताल में घाव पर टांके लगाने के बजाय फेविक्विक का इस्तेमाल करने वाली नर्स को निलंबित कर दिया गया है। यह फैसला बुधवार को राज्य सरकार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया।
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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवा आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, 'फेविक्विक एक चिपकने वाला द्रव्य है, जिसका नियमों के तहत चिकित्सा उपयोग की अनुमति नहीं है। इस मामले में बच्चे के इलाज के लिए फेविक्विक का उपयोग करके कर्तव्य में लापरवाही बरतने के लिए जिम्मेदार नर्स को प्रारंभिर रिपोर्ट के बाद निलंबित कर दिया गाय है और नियमों के अनुसार आगे की जांच जारी है।'
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यह घटना 14 जनवरी को हावेरी जिले के हनगल तालुक स्थित अदूर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर हुई। सात साल की गुरुकिशन अनप्पा होसामणि को गहरे घाव के कारण खून बहने की स्थिति में उसके माता-पिता उसे स्वास्थ्य केंद्र लाए थे। माता-पिता ने नर्स का वीडियो बना लिया, जिसमं नर्स यह कह रही थी कि वह यह काम वर्षों से कर रही हैं और टांके लगाने से बच्चे के चेहरे पर स्थायी निशान रह जाएगा, जबकि फेविक्विक का उपयोग बेहतर है।
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इसके बाद माता-पिता ने शिकायत दर्ज कराई और वीडियो भी पेश किया। हालांकि, वीडियो होने के बावजूद ज्याोति नाम की नर्स को निलंबित करने के बजाय अधिकारियों ने उन्हें तीन फरवरी को हावेरी तालुक के गुत्तल स्वास्थ्य संस्थान में ट्रांस कर दिया, जिससे जनता में अधिक आक्रोश फैल गया। अभी बच्चा स्वस्थ बताया जा रहा है। इस घटना के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों को बच्चे पर किसी भी प्रतिकूल प्रभाव की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।