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क्रूरता: रेमडेसिविर इंजेक्शन के नाम पर बेचा जा रहा खारा पानी, पुलिस ने दबोचा तब हुआ गिरोह का खुलासा

Tue, 20 Apr 2021 02:15 PM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैसूर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैसूर Published by: दीप्ति मिश्रा Updated Tue, 20 Apr 2021 02:15 PM IST
सार

कर्नाटक से एक ऐसा बेहद असंवेदनशील मामला सामने आया है, जिसके खिलाफ स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई की है। दरअसल, कर्नाटक के मैसूर में एक नर्स को रेमडेसिविर इंजेक्शन की शीशी में खारा पानी और एंटीबायोटिक्स मिलाकर बेचने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। 
 

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Nurse held in Mysuru for selling fake Remdesivir by refilling empty vials Police has arrested a nurse
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : Social media

विस्तार

देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर अपना कहर बरपा रही है। हर दिन 2.50 लाख से ज्यादा नए मरीज मिल रहे हैं और कोविड से मरने वालों की संख्या में भी इजाफा जारी है। जहां एक ओर देश में रेमडेसिवीर इंजेक्शन की किल्लत है। वहीं दूसरी ओर रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी भी जमकर हो रही है। कर्नाटक से एक ऐसा असंवेदनशील मामला सामने आया है, जिसके खिलाफ स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई की है। दरअसल, कर्नाटक के मैसूर में एक नर्स को रेमडेसिविर इंजेक्शन की शीशी में खारा पानी और एंटीबायोटिक्स मिलाकर बेचने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। 

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कोरोना के लगातार बढ़ रहे मामलों के बीच इस जीवन रक्षक दवाई की मांग बढ़ गई है। मैसूर पुलिस को रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी की जानकारी मिली। इसके बाद कार्रवाई की है। मैसूर के पुलिस कमिश्नर चंद्रगुप्त ने यह जानकारी दी है।
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पुलिस को पता चला कि इस कालाबाजारी रैकेट का मास्टरमाइंड गिरिश नाम का एक व्यक्ति था, जो कि पेशे से नर्स है। पुलिस कमिश्नर चंद्रगुप्त ने बताया कि विभिन्न कंपनियों की रेमडेसिविर की बोतलों को रिसाइकिल करके एंटीबायोटिक्स और सलाइन से भरा और बाजार में उतारा गया। वह 2020 से ऐसा कर रहा था। हम इस रैकेट के असर का पता लगा रहे हैं और उसने कहां अपने स्टॉक की आपूर्ति की, इसका भी पता लगा रहे हैं। है।
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गिरीश ने खुलासा किया है कि वह अपने साथियों के साथ पिछले साल से ऐसा कर रहा है। उसके साथियों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। गिरीश जेएसएस अस्पताल में बतौर स्टाफ नर्स तैनात था।

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