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1998 में परमाणु परीक्षणों ने बदला भारत के प्रति दुनिया का नजरिया: राष्ट्रपति
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Sat, 12 May 2018 03:21 AM IST
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- फोटो : ani
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‘1998 में किए गए परमाणु परीक्षणों ने भारत के प्रति दुनिया का नजरिया बदल दिया। यह परीक्षण देश की वैज्ञानिक क्षमता के साथ-साथ राजनीतिक इच्छाशक्ति का प्रदर्शन था।’ यह बात राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने परमाणु परीक्षण की 20वीं वर्षगांठ पर मनाए जा रहे राष्ट्रीय तकनीकी दिवस पर हुए समारोह में नए अविष्कारकों को सम्मानित करने के बाद कही।
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वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी परमाणु परीक्षण के लिए वैज्ञानिकों की टीम का नेतृत्व करने वाले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की सराहना की और तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के राजनीतिक साहस की तारीफ की।
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राष्ट्रपति ने 1974 के परमाणु परीक्षणों का जिक्र करते हुए कहा कि उस वक्त अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों से भारतीय परमाणु और अंतरिक्ष तकनीकी की राह में अवरोध उत्पन्न हो गए थे। इसके बाद 1998 राजस्थान के थार इलाके में 11 और 13 मई को किए गए पांच परमाणु परीक्षणों से अमेरिका समेत अन्य देशों को भारत की विदेश नीति, रणनीति संबंधों और अंतरराष्ट्रीय तकनीकी क्षमता का पता चला।
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हालांकि अमेरिका और सहयोगी देशों ने प्रतिबंध लगाए लेकिन एक दशक के बाद ही भारत और अमेरिका के बीच नागरिक परमाणु समझौते हुए। इसके बाद देश ने परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष विज्ञान में नई ऊंचाइयां हासिल कीं।
साथ ही दूरसंचार, सूचना तकनीकी, बायोटेक्नोलॉजी और फार्मा क्षेत्र में अपनी श्रेष्ठता दिखाई। बीते साल हमने रीजनल नेविगेशन सेटेलाइट सिस्टम-वन एल लांच किया और चंद्रयान-2 अभियान शुरू किया। वर्तमान में देश ने दवाओं और वैक्सीन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रतिष्ठा भी हासिल की है।