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नहीं रहा नॉर्थ-ईस्ट का मोस्ट वांटेड खापलांग, हजारों की मौत का था जिम्मेदार!

Sat, 10 Jun 2017 02:56 PM IST
amarujala.com- Written by: श्रवण शुक्ला
amarujala.com- Written by: श्रवण शुक्ला Updated Sat, 10 Jun 2017 02:56 PM IST
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NSCN-K Chairman SS Khaplang passed away due to a diabetic stroke, in Myanmar
नॉर्थ-ईस्ट के मोस्ट वांटेड खापलांग की मौत - फोटो : Asia Times
भारत सरकार के लिए नॉर्थ ईस्ट में सबसे बड़ी मुसीबत रहे एस एस खापलांग यानि खोले खेतोवी खापलांग की मौत हो गई है। उसकी मौत डायविटीज की वजह से हुई। खापलांग नॉर्थ-ईस्ट में हमारे देश का सबसे बड़ा दुश्मन था। वो छापामार लड़ाई द्वारा भारत के उत्तर-पूर्वी हिस्से और म्यांमार के हिस्से को मिलाकर अलग देश 'नगालिम' की हसरत पाले बैठा था। खापलांग की मौत के बाद नगा विद्रोहियों के नेतृत्वविहीन होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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खोले खेतोवी खापलांग की मौत म्यांमार में हुई, जहां रहकर वो भारत के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष छेड़े हुए था। उसके संगठन का नाम एनएससीएन-के यानि नेशनल सोशलिस्ट कॉउंसिल ऑफ नागालैंड/नगालिम है। इस संगठन का एकमात्र उद्देश्य है स्वतंत्र नगा राष्ट्र। खापलांग की मौत शुक्रवार रात 8.05 बजे म्यांमार के तगा में हुई।
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खापलांग की अगुवाई में ही नगा विद्रोहियों ने 4 जून को मणिपुर में सेना पर एंबुश लगाकर हमला किया था। जिसमें कई सैनिक शहीद हुए थे। खापलांग युनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ वेस्टर्न सॉउथ ईस्ट एशिया(यूएनएलएफडब्ल्यू) नाम के नए बने संगठन का भी मुखिया बनाया गया था। ये कई देशों के उग्रवादी और अलगाववादी समूहों को मिलाकर बना संगठन है। सेना ने पिछले साल म्यांमार में घुसकर जिस उग्रवादी समूह के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की थी, वो यही एनएससीएन-के संगठन था। खापलांग भारत सरकार के खिलाफ दशकों से छापामार युद्ध कर रहा था। खापलांग की वजह से नॉर्थ-ईस्ट में हजारों आम लोगों के साथ ही सैकड़ों सुरक्षाबलों की भी जानें गई हैं।
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खापलांग के बारे में कहा जाता है कि उसके दो घर हैं। वो म्यांमार में रहा करता था और चीन में भी उसका घर है। एक बड़े समाचार प्रकाशन ने इस बाबत रिपोर्ट प्रकाशित की थी कि दशकों की छापामार लड़ाई में खापलांग के नेतृत्व में अनगिनत हमले सेना पर हुए हैं। उसने चीन में हथियारों की ट्रेनिंग ली है, और युद्ध के धन के साथ ही हथियारों की व्यवस्था भी वो चीन के रास्ते ही करता था। 


खापलांग के संगठन से अलग हुए एनएससीएन-आर नाम के संगठन ने भारत सरकार के साथ शांति समझौता किया है, जो पिछले काफी समय से चर्चा में है। खापलांग ने शांति समझौता करने वाले गुट के लोगों से नाते तोड़ लिए थे। 
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