फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   NRI came to india to give the ashes of 10 Indians who died from Coronavirus in France

10 भारतीयों ने कोरोना से गंवाई जान, परिजनों को अस्थियां देने फ्रांस से आया ये एनआरआई

Sun, 08 Nov 2020 09:48 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Sun, 08 Nov 2020 09:48 PM IST
विज्ञापन
NRI came to india to give the ashes of 10 Indians who died from Coronavirus in France
इकबाल सिंह भट्टी - फोटो : ANI

कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी के कारण बनी सामाजिक दूरियों के बीच मानवीय रिश्तों के भी नए-नए उदाहरण मिल रहे हैं। ऐसा ही एक उदाहरण फ्रांस में रहने वाले अप्रवासी भारतीय इकबाल सिंह भट्टी भी बन गए हैं। दरअसल फ्रांस में महामारी के दौरान मौत का शिकार हो गए 10 भारतीयों की अस्थियां उनके परिजनों तक पहुंचाने के लिए भट्टी भारत आए हैं। इन 10 में से 7 भारतीयों की मौत महामारी की चपेट में आकर हुई थी, जबकि अन्य तीन इस लॉकडाउन के दौरान अन्य बीमारी के शिकार हो गए। 

विज्ञापन


पिछले 29 साल से फ्रांस में रह रहे 65 वर्षीय भट्टी ने कहा कि वह पेरिस के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती भारतीयों की भी देखभाल कर रहे हैं और उनकी जान बचाने के लिए भगवान का शुक्रिया करते हैं। भट्टी ने कहा, जब भी वह भारत आते हैं तो वह अपने साथ ऐसे भारतीयों की अस्थि-राख लेकर आते हैं, जों फ्रांस में अकेले मौत का शिकार हो गए।
विज्ञापन


वह इन अस्थियों और राख को अंतिम क्रियाकर्म के लिए मृतकों के परिजनों के हवाले कर देते हैं। उन्होंने बताया कि इस बार अपने साथ लाए 10 लोगों के अवशेषों में से दो को वह दिल्ली में रहने वाले उनके परिजनों के हवाले कर चुके हैं। उन्होंने कहा, में अब अन्य लोगों की अस्थियां पहुंचाने के लिए जालंधर जाऊंगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
2005 से कर रहे हैं यह काम, 178 के पहुंचा चुके हैं अवशेष
दरअसल 2005 में भट्टी ने एसोसिएशन ऑफ हृयूमन राइट्स, आरोरे-डान की स्थापना की थी, जो फ्रांस में मरने वाले भारतीयों के अवशेष उनके परिजनों तक पहुंचाने का काम करती है। उनकी संस्था अब तक 178 भारतीयों के मृत शरीर भारत पहुंचा चुकी है। उन्होंने कहा, हम मृतकों के परिजनों की अनुमति से पेरिस में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया भी पूरी करते हैं और उसके बाद राख को भारत पहुंचा देते हैं। अब तक हम 22 लोगों की राख को भारत में उनके परिजनों को सौंप चुके हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed