{"_id":"6843efb8f4ffee7c7b013366","slug":"now-you-will-have-to-work-for-10-hours-in-andhra-pradesh-government-took-steps-to-attract-investment-2025-06-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Andhra Pradesh: आंध्र प्रदेश में अब 10 घंटे करना होगा काम; निवेश को आकर्षित करने के लिए सरकार ने उठाया कदम","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Andhra Pradesh: आंध्र प्रदेश में अब 10 घंटे करना होगा काम; निवेश को आकर्षित करने के लिए सरकार ने उठाया कदम
Sat, 07 Jun 2025 01:22 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती
Published by: बशु जैन
Updated Sat, 07 Jun 2025 01:22 PM IST
सार
आंध्र प्रदेश सरकार कारोबार को मजबूत करने और निवेश को आकर्षित करने पर जोर दे रही है। इसके तहत सरकार ने काम के घंटे बढ़ाने का फैसला किया है। अब सरकार ने अधिकतम कार्य घंटे नौ से बढ़ाकर 10 घंटे कर दिया है।
विज्ञापन
एन. चंद्रबाबू नायडू, मुख्यमंत्री, आंध्र प्रदेश
- फोटो : ANI
विस्तार
आंध्र प्रदेश में श्रमिकों और नौकरीपेशा लोगों को अब 10 घंटे काम करना होगा। राज्य की टीडीपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने कारोबार को आसान बनाने और निवेश को आकर्षित करने के लिए काम के घंटों में इजाफा किया। अब तक यहां अधिकतम कार्य घंटे की सीमा नौ घंटा थी। सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री के पार्थसारथी ने कहा कि श्रम कानूनों को श्रमिकों और निवेशकों के अनुकूल बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। वहीं भाकपा ने राज्य सरकार के फैसले की आलोचना की है।
कैबिनेट फैसले के बारे में बताते हुए मंत्री पार्थ सारथी ने कहा कि अब तक धारा 54 के तहत एक दिन में अधिकतम नौ घंटे काम करने की अनुमति थी। इसे अब बढ़ाकर 10 घंटे प्रतिदिन कर दिया गया है। धारा 55 के तहत पहले पांच घंटे काम करने पर एक घंटे का आराम मिलता था, जिसे अब छह घंटे कर दिया गया है।
ये भी पढ़ें: सीएम भूपेंद्र पटेल ने राजकोट को दी 557 करोड़ की सौगात; विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि ओवरटाइम के लिए अब तक केवल 75 घंटे तक की अनुमति थी, जिसे अब बढ़ाकर प्रति तिमाही 144 घंटे कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि श्रम कानूनों में संशोधन के कारण कारखानों में निवेशक आएंगे। ये श्रम नियम श्रमिकों के लिए अनुकूल होंगे और वे अधिक निवेश करने आएंगे। वैश्वीकरण हर राज्य में हो रहा है। ये संशोधन वैश्विक नियमों को लागू करने के लिए लाए गए थे।
महिलाएं भी रात में कर सकेंगी काम
मंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने रात्रि पाली के नियमों में भी ढील दी है, ताकि अधिक महिलाएं रात्रि पाली में काम कर सकें। सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री ने कहा कि पहले महिलाओं को रात्रि पाली में काम करने की अनुमति नहीं थी, लेकिन अब वे सहमति, परिवहन सुविधा, सुरक्षा और निगरानी जैसे सुरक्षा उपायों के साथ काम कर सकती हैं। रात्रि पाली के दौरान महिलाओं के कार्यस्थल पर पूरी रोशनी होनी चाहिए।
अतिरिक्त काम करेंगे तो आय बढ़ेगी
मंत्री ने कहा कि जब आप अतिरिक्त काम करेंगे, तो आपकी आय बढ़ेगी। इन नियमों के तहत महिलाएं औपचारिक क्षेत्र में काम कर सकती हैं। ये नियम महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हैं और लैंगिक समावेशन तथा औद्योगिक विकास को बढ़ावा देते हैं। साथ ही महिला सशक्तीकरण में भी योगदान देते हैं।
ये भी पढ़ें: असम निवासी युवती की सड़क हादसे में संदिग्ध मौत, सीएम हिमंता ने मेघालय सीएम से की निष्पक्ष जांच की मांग
भाकपा ने किया विरोध
आंध्र प्रदेश सरकार के फैसले का भाकपा ने विरोध किया है। भाकपा के राज्य सचिव के रामकृष्ण ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारें श्रमिकों के हितों के खिलाफ काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 11 साल से मोदी सरकार ने बार-बार ऐसे कदम उठाए हैं जो भारत में श्रमिकों के अधिकारों का उल्लंघन करते हैं। इन नियमों के विरोध में ट्रेड यूनियनों ने नौ जुलाई को पूरे भारत में विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है।कहा कि इस विरोध प्रदर्शन में सभी वर्ग सक्रिय रूप से भाग लेंगे। केंद्र और राज्य दोनों ही जगहों पर एनडीए सरकारें मजदूर विरोधी नीतियां अपना रही हैं।
विज्ञापन
कैबिनेट फैसले के बारे में बताते हुए मंत्री पार्थ सारथी ने कहा कि अब तक धारा 54 के तहत एक दिन में अधिकतम नौ घंटे काम करने की अनुमति थी। इसे अब बढ़ाकर 10 घंटे प्रतिदिन कर दिया गया है। धारा 55 के तहत पहले पांच घंटे काम करने पर एक घंटे का आराम मिलता था, जिसे अब छह घंटे कर दिया गया है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: सीएम भूपेंद्र पटेल ने राजकोट को दी 557 करोड़ की सौगात; विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि ओवरटाइम के लिए अब तक केवल 75 घंटे तक की अनुमति थी, जिसे अब बढ़ाकर प्रति तिमाही 144 घंटे कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि श्रम कानूनों में संशोधन के कारण कारखानों में निवेशक आएंगे। ये श्रम नियम श्रमिकों के लिए अनुकूल होंगे और वे अधिक निवेश करने आएंगे। वैश्वीकरण हर राज्य में हो रहा है। ये संशोधन वैश्विक नियमों को लागू करने के लिए लाए गए थे।
महिलाएं भी रात में कर सकेंगी काम
मंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने रात्रि पाली के नियमों में भी ढील दी है, ताकि अधिक महिलाएं रात्रि पाली में काम कर सकें। सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री ने कहा कि पहले महिलाओं को रात्रि पाली में काम करने की अनुमति नहीं थी, लेकिन अब वे सहमति, परिवहन सुविधा, सुरक्षा और निगरानी जैसे सुरक्षा उपायों के साथ काम कर सकती हैं। रात्रि पाली के दौरान महिलाओं के कार्यस्थल पर पूरी रोशनी होनी चाहिए।
अतिरिक्त काम करेंगे तो आय बढ़ेगी
मंत्री ने कहा कि जब आप अतिरिक्त काम करेंगे, तो आपकी आय बढ़ेगी। इन नियमों के तहत महिलाएं औपचारिक क्षेत्र में काम कर सकती हैं। ये नियम महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हैं और लैंगिक समावेशन तथा औद्योगिक विकास को बढ़ावा देते हैं। साथ ही महिला सशक्तीकरण में भी योगदान देते हैं।
ये भी पढ़ें: असम निवासी युवती की सड़क हादसे में संदिग्ध मौत, सीएम हिमंता ने मेघालय सीएम से की निष्पक्ष जांच की मांग
भाकपा ने किया विरोध
आंध्र प्रदेश सरकार के फैसले का भाकपा ने विरोध किया है। भाकपा के राज्य सचिव के रामकृष्ण ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारें श्रमिकों के हितों के खिलाफ काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 11 साल से मोदी सरकार ने बार-बार ऐसे कदम उठाए हैं जो भारत में श्रमिकों के अधिकारों का उल्लंघन करते हैं। इन नियमों के विरोध में ट्रेड यूनियनों ने नौ जुलाई को पूरे भारत में विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है।कहा कि इस विरोध प्रदर्शन में सभी वर्ग सक्रिय रूप से भाग लेंगे। केंद्र और राज्य दोनों ही जगहों पर एनडीए सरकारें मजदूर विरोधी नीतियां अपना रही हैं।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन