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IIT में अब छात्रों को पढ़ाई से पहले करनी होगी योग और स्पोर्ट्स की ट्रेनिंग
सीमा शर्मा/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 29 Nov 2017 06:06 AM IST
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आईआईटी में पढ़ाई के चलते बढ़ते तनाव की वजह से अब छात्र अवसाद के शिकार नहीं होंगे और आत्महत्या जैसे कदम नहीं उठाएंगे।
इंजीनियरिंग के छात्रों में बढ़ते तनाव को देखते हुए सरकार ने विशेषज्ञों से तीन हफ्ते का इंडक्शन प्रोग्राम तैयार करवाया है, जो आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी समेत देशभर के अन्य इंजीनियरिंग शिक्षण संस्थानों में 2018 सत्र से लागू होगा।
खास बात यह है कि तीन हफ्ते के इस इंडक्शन प्रोग्राम के बीच छात्रों को हर तरह के अकादमिक कार्य से दूर रखा जाएगा। इस दौरान उन्हें योग, स्पोर्ट्स, क्रिएटिव आर्ट्स से लेकर यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यू की ट्रेनिंग के साथ ही मेलजोल, दोस्ती समेत खुद को पहचानने का मौका दिया जाएगा।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, आईआईटी में बीटेक प्रोग्राम में दाखिला लेने वाले छात्र अक्सर पढ़ाई समेत माहौल बदलने के तनाव को नहीं झेल पाते और अवसाद का शिकार हो जाते हैं।
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अन्य इंजीनियरिंग संस्थानों में भी ऐसा ही माहौल है। इसीलिए सरकार ने देशभर के इंजीनियरिंग संस्थानों के लिए तीन हफ्ते का इंडक्शन प्रोग्राम तैयार करवाया है, जो अगले सत्र से अनिवार्य रूप से लागू होगा।
इस प्रोग्राम को आईआईटी बीएचयू, आईआईटी मंडी, आईआईटी दिल्ली और आईआईटी गांधीनगर समेत कई अन्य संस्थानों के विशेषज्ञों ने मिलकर तैयार किया है।
प्रोग्राम के तीन हफ्ते के दौरान संस्थान छात्र पर पढ़ाई का प्रेशर नहीं डाल पाएंगे। इस अवधि में किए गए कार्यों के क्रेडिट स्कोर जुड़ेंगे। इंडक्शन प्रोग्राम में हिंदी या अन्य क्षेत्रीय भाषी छात्रों के लिए विशेष रूप से इंग्लिश व कंप्यूटर कोचिंग की व्यवस्था होगी।
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इंजीनियरिंग के छात्रों में बढ़ते तनाव को देखते हुए सरकार ने विशेषज्ञों से तीन हफ्ते का इंडक्शन प्रोग्राम तैयार करवाया है, जो आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी समेत देशभर के अन्य इंजीनियरिंग शिक्षण संस्थानों में 2018 सत्र से लागू होगा।
खास बात यह है कि तीन हफ्ते के इस इंडक्शन प्रोग्राम के बीच छात्रों को हर तरह के अकादमिक कार्य से दूर रखा जाएगा। इस दौरान उन्हें योग, स्पोर्ट्स, क्रिएटिव आर्ट्स से लेकर यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यू की ट्रेनिंग के साथ ही मेलजोल, दोस्ती समेत खुद को पहचानने का मौका दिया जाएगा।
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मानव संसाधन विकास मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, आईआईटी में बीटेक प्रोग्राम में दाखिला लेने वाले छात्र अक्सर पढ़ाई समेत माहौल बदलने के तनाव को नहीं झेल पाते और अवसाद का शिकार हो जाते हैं।
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अन्य इंजीनियरिंग संस्थानों में भी ऐसा ही माहौल है। इसीलिए सरकार ने देशभर के इंजीनियरिंग संस्थानों के लिए तीन हफ्ते का इंडक्शन प्रोग्राम तैयार करवाया है, जो अगले सत्र से अनिवार्य रूप से लागू होगा।
इस प्रोग्राम को आईआईटी बीएचयू, आईआईटी मंडी, आईआईटी दिल्ली और आईआईटी गांधीनगर समेत कई अन्य संस्थानों के विशेषज्ञों ने मिलकर तैयार किया है।
प्रोग्राम के तीन हफ्ते के दौरान संस्थान छात्र पर पढ़ाई का प्रेशर नहीं डाल पाएंगे। इस अवधि में किए गए कार्यों के क्रेडिट स्कोर जुड़ेंगे। इंडक्शन प्रोग्राम में हिंदी या अन्य क्षेत्रीय भाषी छात्रों के लिए विशेष रूप से इंग्लिश व कंप्यूटर कोचिंग की व्यवस्था होगी।
ये है प्रोग्राम की मुख्य बातें
- सुबह छह बजे वेकअप कॉल होगी। इसके बाद छात्रों को तैयार होकर साढ़े छह बजे तक ग्राउंड में पहुंचना होगा।
- साढ़े छह से 7.10 तक योग या फिर हल्की एक्सरसाइज करनी होगी।
- नौ से 12.55 तक क्रिएटिव ऑटर्स, यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यू के बारे में समझाया जाएगा।
- शाम साढ़े पांच से साढ़े छह बजे तक गेम्स होंगे। साढ़े छह से साढ़े आठ बजे तक का समय आराम के लिए होगा।
- साढ़े आठ बजे डिनर होगा। उसके बाद साढ़े आठ से 9.25 तक हॉस्टल में सबसे मिलना-जुलना होगा। इस मेलजोल का मुख्य मकसद सीनियर और जूनियर के बीच के अंतर को दूर करना है, ताकि रैगिंग न हो।
- साढ़े छह से 7.10 तक योग या फिर हल्की एक्सरसाइज करनी होगी।
- नौ से 12.55 तक क्रिएटिव ऑटर्स, यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यू के बारे में समझाया जाएगा।
- शाम साढ़े पांच से साढ़े छह बजे तक गेम्स होंगे। साढ़े छह से साढ़े आठ बजे तक का समय आराम के लिए होगा।
- साढ़े आठ बजे डिनर होगा। उसके बाद साढ़े आठ से 9.25 तक हॉस्टल में सबसे मिलना-जुलना होगा। इस मेलजोल का मुख्य मकसद सीनियर और जूनियर के बीच के अंतर को दूर करना है, ताकि रैगिंग न हो।