Railways: अब बदलेगी पश्चिम बंगाल में रेल नेटवर्क की तस्वीर, इन तीन बड़े प्रोजेक्ट को मिली हरी झंडी
रेल मंत्रालय के इन फैसलों को पश्चिम बंगाल के लिए बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर कदम माना जा रहा है। नई रेल लाइन, एक्सप्रेस ट्रेन और तीसरी लाइन जैसी परियोजनाओं से राज्य की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। माना जा रहा है कि इन परियोजनाओं से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।
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पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन होने के बाद ही राज्य को रेलवे के मोर्चे पर बड़ी सौगात मिली है। रेल मंत्रालय ने राज्य के लिए तीन अहम रेलवे परियोजनाओं और नई सेवाओं को मंजूरी दी है। जिससे बंगाल में रेल नेटवर्क को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं के जरिए यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, जबकि माल ढुलाई व्यवस्था भी पहले से ज्यादा मजबूत होगी।
रेल मंत्री ने इस संबंध में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को तीन अलग-अलग पत्र भेजे हैं। माना जा रहा है कि इन फैसलों से उत्तर बंगाल से लेकर दक्षिण बंगाल तक रेलवे ढांचे को बड़ा फायदा मिलेगा और विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।
किन परियोजनाओं को मिली मंजूरी?
उत्तर बंगाल के रेल नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए रेल मंत्रालय ने न्यू जलपाईगुड़ी से सिलीगुड़ी तक नई रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दे दी है। लंबे समय से प्रस्तावित इस परियोजना को अब आधिकारिक स्वीकृति मिलने के बाद इलाके में विकास की नई उम्मीदें बढ़ गई हैं। नई रेल लाइन बनने से यात्रियों का सफर ज्यादा आसान और तेज होगा, वहीं ट्रेनों की आवाजाही में भी सुधार आएगा। माना जा रहा है कि इस परियोजना का सीधा फायदा उत्तर बंगाल के कई क्षेत्रों को मिलेगा। साथ ही पर्यटन, व्यापार और स्थानीय कनेक्टिविटी को भी इससे नई रफ्तार मिलने की संभावना है।
रेल मंत्रालय ने सांतारागाछी से जयपुर के खातीपुरा तक नई एक्सप्रेस ट्रेन चलाने को भी मंजूरी दे दी है। यह ट्रेन खड़गपुर रूट से संचालित होगी। नई ट्रेन सेवा शुरू होने से पश्चिम बंगाल और राजस्थान के बीच सफर करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल लंबी दूरी की यात्रा में यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है, लेकिन इस नई ट्रेन के शुरू होने के बाद सफर ज्यादा आसान, सीधा और किआरामदायक हो जाएगा।
क्यों अहम हैं ये परियोजनाएं?
वहीं, शालबनी से आद्रा तक तीसरी रेल लाइन बिछाने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया गया है। करीब 107 किलोमीटर लंबी इस परियोजना के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने हेतु फाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी दे दी गई है। माना जा रहा है कि यह परियोजना भविष्य में मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के संचालन को अधिक सुचारु और तेज बनाने में मदद करेगी। रेलवे नेटवर्क पर बढ़ते दबाव को कम करने और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए इस तीसरी लाइन को काफी अहम माना जा रहा है।