फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Now no tension of food in trains when where was food cooked? Passengers will be able to know through QR code

Indian Railways: अब ट्रेनों में खराब खाने की नो टेंशन, खाना कब और कहां बना? यात्री क्यूआर कोड से जान सकेंगे

Wed, 12 Feb 2025 03:02 PM IST
Rahul Sampal राहुल संपाल
Updated Wed, 12 Feb 2025 03:02 PM IST
सार

पश्चिम रेलवे ने करीब 100 क्लस्टर किचन तैयार कर लिए हैं। बचे हुए 50 किचन भी जल्द तैयार हो जाएंगे। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि ट्रेनों में खान-पान को लेकर शिकायतें कम नहीं हो रही हैं। इसे ही ध्यान में रखते हुए क्यूआर कोड का नया प्रयोग किया है। इसलिए क्लस्टर किचन में तैयार होने वाले खाने पर क्यूआर कोड लगा होगा।

विज्ञापन
Now no tension of food in trains when where was food cooked? Passengers will be able to know through QR code
Indian Railways - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

यात्री अक्सर ट्रेनों में खाने की गुणवत्ता ठीक नहीं होने और खराब खाने की शिकायत करते हुए नजर आते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने अब क्लस्टर किचन बनाने का निर्णय लिया है। रेलवे देशभर में एक हजार क्लस्टर किचन बना रहा है। इसी के तहत पश्चिम रेलवे जोन में करीब 150 क्लस्टर किचन तैयार किए जा रहे हैं। इन किचन में आईआरसीटीसी नया प्रयोग करने जा रही है। इन किचन में तैयार होने वाले खाने के पैकेट पर क्यूआर कोड लगा होगा। जिसे स्कैन करते ही पता चल जाएगा कि खाना किस किचन में तैयार हुआ और कब बना?  

विज्ञापन


पश्चिम रेलवे ने करीब 100 क्लस्टर किचन तैयार कर लिए हैं। बचे हुए 50 किचन भी जल्द तैयार हो जाएंगे। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि ट्रेनों में खान-पान को लेकर शिकायतें कम नहीं हो रही हैं। इसे ही ध्यान में रखते हुए क्यूआर कोड का नया प्रयोग किया है। इसलिए क्लस्टर किचन में तैयार होने वाले खाने पर क्यूआर कोड लगा होगा। इस कोड को स्कैन करते ही यात्रियों को यह जानकारी मिल जाएगी कि खाना किस किचन में और कब तैयार हुआ? इसके अलावा ठेकेदार कंपनी के एफएसएसएआई आदि की जानकारी भी होगी।
विज्ञापन


अधिकारियों का कहना है कि ये कलस्टर किचन का का कॉन्सेप्ट खाने की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए लागू किया जा रहा है। इन क्लस्टर किचन के जरिए राजधानी, वंदे भारत, तेज एक्सप्रेस समेत लंबी दूरी की ट्रेनों में भी भोजन की आपूर्ति की जाएगी। फिलहाल कई लंबी दूरी की ट्रेनों में यह सेवा शुरु हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कैमरों से रखी जाएगी किचन पर नजर
क्लस्टर किचन में खाना तैयार करते समय किन सावधानियों का ख्याल रखा जा रहा है। इनकी लाइव मॉनिटरिंग भी एआई कैमरों से होगी। कैमरों में यह भी जांच की जाएगी कि किचन में काम करने वाले कुक नियमों का पालन कर रहे है या नहीं। इससे किचन में होने वाली छोटी-बड़ी घटनाओं की भी निगरानी की जाएगी। इसी के साथ ही किचन में काम करने वाले कुल के अलावा अन्य कर्मचारियों को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि उन्होंने किचन में हैंड ग्लब्स और हैड कैप पहनी है या नहीं।

अधिकारियों के अनुसार, रेलवे के कई सारे बेस किचन है। सभी में फोन कर शिकायत दर्ज करना आसान नहीं था। इसलिए रेलवे और आईआरसीटीसी ने एआई का प्रयोग शुरू किया है। अब एआई जैसे ही किसी किचन में चूहा देखता है वैसे ही वो संबंधित किचन को शिकायत का एक टिकट भेज देता है। इस शिकायती टिकट में शिकायत का समय तारीख सभी डीटेल्स मौजूद होता है। वहीं जब बेस किचन में कॉकरोच दिखाई देता है तो भी एआई इसी तरह की प्रक्रिया अपनाता है।


यही नहीं अगर किसी किचन में झाड़ू तो लग गई और पोंछा नहीं लगा तब भी एआई शिकायती टिकट भेज देता है। अगर निर्धारित समय पर झाड़ू पोछा नहीं हुआ या डीप क्लीनिंग नहीं हुई तो भी एआई अपनी नाराजगी जाहिर कर देता है। नियम के अनुसार संबंधित रसोई इंचार्ज को शिकायत का रेक्टीफिकेशन करना और हेड क्वार्टर को लापरवाही के लिए जवाब भेजना पड़ता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed